कोलकाता, आठ जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए चर्चित बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पत्नी चंपा मंडल ने बुधवार को कहा कि वह स्वयं शादी के बाद से मंडल के उत्पीड़न की शिकार रही है।
चंपा ने साथ ही कहा कि वह यह नहीं कह सकती कि प्रभास बेगुनाह था या नहीं।
मुठभेड़ में पति की मौत होने की खबर मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में चंपा ने कहा कि प्रभास के पास कोई स्थायी रोजगार नहीं था और वह अधिकतर समय घर पर ही रहता था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह सकती कि उसने यह अपराध किया है या नहीं। शादी के बाद मैंने उसका व्यवहार देखा। उसके साथ रहते हुए मैंने बहुत बुरा बर्ताव सहा है। जब इस मामले में उसका नाम सामने आया, तो मुझे लगा कि वह ऐसा कुछ कर सकता है।’’
इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था। प्रभास को मुख्य संदिग्धों में से एक माना जा रहा था, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में उसे नाबालिग लड़की के साथ देखा गया था।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडल पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर गुमराह कर रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, जिसके कारण जांच टीम घटना की कड़ियों को जोड़ने और अपराध में उसकी भूमिका का पता लगाने के लिए उसे मंगलवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर ले गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इसी दौरान, उसने अचानक एक पुलिसकर्मी से उसकी सरकारी पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया। मंडल ने पुलिस टीम पर एक गोली भी चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।’’
मंडल को बारुईपुर उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लड़की चार जुलाई को लापता हुई थी और उसका शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में भरा हुआ मिला, जिससे आक्रोशित स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
रविवार को शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने इस मामले में संलिप्तता के संदेह में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर कथित तौर पर मार डाला था।
भाषा धीरज माधव
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