उच्चतम न्यायालय खाड़ी देशों के सीबीएसई 12वीं के छात्रों की याचिका पर सुनवाई को तैयार

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उच्चतम न्यायालय खाड़ी देशों के सीबीएसई 12वीं के छात्रों की याचिका पर सुनवाई को तैयार

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 08:47 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 08:47 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय सीबीएसई की 27 मार्च की मूल्यांकन योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को सहमत हो गया। यह योजना उन नियमित छात्रों के लिए थी जो ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण खाड़ी देशों में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द होने से प्रभावित हुए थे।

न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने खाड़ी देशों के 30 नियमित छात्रों की याचिका पर केंद्र और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जवाब मांगा है।

पीठ ने खाड़ी देश के 12वीं कक्षा के एक छात्र की ओर से दायर एक अलग याचिका पर भी केंद्र और सीबीएसई से जवाब मांगा। इस याचिका में परीक्षा रद्द होने से प्रभावित निजी छात्रों के मूल्यांकन के संबंध में 21 जून को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील राज किशोर चौधरी ने पीठ को बताया कि छात्र मूल्यांकन योजना से संतुष्ट नहीं हैं।

पीठ ने नोटिस जारी करते हुए याचिका की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के पास भेजने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तारीख तय की।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील विनीत जिंदल भी पेश हुए।

तीस छात्रों की ओर से दायर याचिका में 27 मार्च, 2026 की मूल्यांकन योजना रद्द करने और उसमें उचित बदलाव करने का अनुरोध किया गया। इसमें अधिकारियों को मूल्यांकन का एक निष्पक्ष, पारदर्शी और भेदभाव-रहित तरीका अपनाने का निर्देश देने का भी आग्रह किया गया।

याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि सीबीएसई को प्रभावित छात्रों के लिए सभी विषयों में विशेष पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया जाए। छात्रों को विषयों की संख्या पर किसी भी प्रकार की सीमा के बिना परीक्षा देने की अनुमति देने और उन्हें दोनों परिणामों में से जो अधिक लाभकारी हो, उसे रखने का विकल्प भी देने का आग्रह किया गया है।

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत