बंगाल: कॉलेजों की संचालन समितियों के प्रमुख भाजपा सांसद-विधायक नियुक्त, विपक्ष ने साधा निशाना

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बंगाल: कॉलेजों की संचालन समितियों के प्रमुख भाजपा सांसद-विधायक नियुक्त, विपक्ष ने साधा निशाना

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  • Publish Date - August 23, 2026 / 09:36 PM IST,
    Updated On - August 23, 2026 / 09:36 PM IST

कोलकाता, 23 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों, विधायकों को 200 से अधिक कॉलेजों की संचालन समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद रविवार को तृणमूल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी पार्टी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के उस दावे पर सवाल उठाया कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर राज्य के 247 कॉलेजों की संचालन समितियों के अध्यक्ष नियुक्त किए।

अधिसूचना के अनुसार, इनमें से करीब 99 प्रतिशत कॉलेजों की संचालन समितियों के अध्यक्ष स्थानीय भाजपा सांसद या विधायक हैं। राज्य के कई मंत्रियों को भी कॉलेजों की संचालन समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय को ईस्ट कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज की संचालन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अग्निशमन सेवा राज्य मंत्री कौशिक चौधरी रायगंज बी.एड. कॉलेज की संचालन समिति के प्रमुख होंगे।

अधिकारी ने पूर्व में कहा था कि पिछली तृणमूल सरकार के उलट, शैक्षणिक संस्थानों को ज़्यादा स्वायत्तता देने की सरकारी कोशिशों के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में राजनीतिक नियुक्तियों को खत्म किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पहली सूची में 247 कॉलेज शामिल हैं, जहां भाजपा के चुनाव चिह्न पर निर्वाचित स्नातक विधायक और सांसदों को संचालन समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अन्य 200 कॉलेजों की सूची अभी जारी की जानी बाकी है। इन संस्थानों की संचालन समितियों के प्रमुख के तौर पर शिक्षाविदों और समाजसेवियों को नियुक्त किया जाएगा।’’

तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी गुट से जुड़े नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि सरकार के कथनी और करनी में अंतर है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट से जुड़े बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘दोहरी नीति’’ अपना रही है और मुख्यमंत्री की पहले की घोषणा महज ‘‘जनता को दिखाने’’ के लिए थी।

भाषा आशीष नरेश

नरेश