रिकार्डिंग में अनियमितताएं पाये जाने के बाद बंगाल चुनाव वेबकैम प्रदाता का अनुबंध रद्द : आयोग
रिकार्डिंग में अनियमितताएं पाये जाने के बाद बंगाल चुनाव वेबकैम प्रदाता का अनुबंध रद्द : आयोग
(सुदीप्तो चौधरी)
कोलकाता, 16 मार्च (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान वेब कैमरे उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के वीडियो फुटेज में गंभीर अनियमितताएं पाये जाने के बाद उसका अनुबंध रद्द कर दिया है और ऐसे उपकरणों की आपूर्ति के लिए तीन नए विक्रेताओं (कंपनियों) का चयन किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पिछले चुनावों में इस्तेमाल किए गए कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद विक्रेता बदलने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि अब नई निविदाओं के माध्यम से राज्य के बाहर की तीन कंपनियों को उपकरण आपूर्ति के लिए चुना गया है।
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा,“निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदान के संचालन में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। यदि किसी मतदान केंद्र पर हिंसा या अशांति होती है, तो मतदान रोक दिया जाएगा और दोबारा कराया जाएगा। जब तक जरूरत महसूस की जायेगी तब तक पुनर्मतदान कराया जाएगा।’’
निर्वाचन आयोग के एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘‘2021 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों की रिकॉर्डिंग की जांच करने पर पाया गया कि लगभग 30 प्रतिशत कैमरों में कोई रिकॉर्डिंग नहीं है। अन्य 30 प्रतिशत कैमरों में, मतदान के शुरू और अंत में लगभग आधे घंटे की ही फुटेज मिली, बाकी फुटेज खाली थी।”
सूत्रों के अनुसार, इनमें से अधिकतर कैमरे संवेदनशील मतदान केंद्रों पर लगाए गए थे, जहां मतदान के दिन हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं।
अधिकारियों ने बताया कि उचित रिकॉर्डिंग न होने के कारण निर्वाचन आयोग मतदान के बाद हुई हिंसा से संबंधित मामलों में वेब कैमरा फुटेज अदालत में पेश नहीं कर सका।
उन्होंने कहा कि कालीगंज विधानसभा उपचुनाव के दौरान किए गए निरीक्षणों में यह मुद्दा सामने आया, जिसके बाद पिछली एजेंसी का अनुबंध रद्द कर दिया गया और एक नई निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एक नए विक्रेता को नियुक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि नयी योजना के तहत, मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर, विशेष रूप से संवेदनशील या हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में वेब कैमरे लगाए जाएंगे।
एक अन्य अधिकारी ने बताया, “संवेदनशील स्थानों पर हर मतदान केंद्र पर दो कैमरे लगाए जाएंगे। कानून-व्यवस्था की रिपोर्टों के आधार पर पर्यवेक्षक ऐसे मतदान केंद्रों की संख्या तय करेंगे।”
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में वर्तमान में लगभग 80,719 मतदान केंद्र हैं और कई हजार अतिरिक्त मतदान केंद्र जोड़े जाने की संभावना है, जिसके लिए राज्य भर में कम से कम दो लाख वेब कैमरों की आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा कि ‘स्टैटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी)’ और ‘फ्लाइंग स्क्वाड टीम (एफएसटी)’ के वाहनों में भी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद तैनात किया जाता है ताकि राजनीतिक दलों को नकदी, शराब या उपहारों से मतदाताओं को प्रभावित करने से रोका जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि कैमरों में बैटरी बैकअप होगा ताकि वाहन का इंजन बंद होने पर भी रिकॉर्डिंग जारी रहे।
उन्होंने बताया कि फीड की निगरानी के लिए जिलाधिकारी कार्यालयों, कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय और नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग के मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

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