कोलकाता, 18 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के एक संगठन ने बृहस्पतिवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर राज्य के मुख्य सचिव के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा गया है।
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा, जिनके समक्ष इस मामले की सुनवाई हो रही है, ने कहा कि यह कार्यक्रम लोगों की सेहत से जुड़ा हुआ है और सरकार नहीं चाहेगी कि उसके कर्मचारी अस्वस्थ रहें।
अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी, जब राज्य सरकार के वकील इस मुद्दे पर सरकार का लिखित निर्देश पेश करेंगे।
मामले की सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि भाषा दिवस, महिला दिवस, मातृ दिवस और मानवाधिकार दिवस जैसे कई अंतरराष्ट्रीय दिवस हैं। इस पर न्यायमूर्ति सिन्हा ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘आप क्यों रुक गए? आपको ‘वैलेंटाइन डे’ का भी जिक्र करना चाहिए था।’’
इस पर अदालत कक्ष में ठहाके गूंज उठे। इसके बाद, भट्टाचार्य ने जवाब दिया कि वह उस खास दिन को भूल गये थे।
वामपंथ की ओर झुकाव रखने वाले ‘वेस्ट बंगाल गवर्नमेंट इम्पलॉयीज’ की राज्य समन्वय समिति ने मुख्य सचिव के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सभी कर्मचारियों के लिए योग कार्यक्रम में शामिल होना अनिवार्य किया गया है। कर्मचारी संगठन ने आदेश जारी करने के मुख्य सचिव के अधिकार पर सवाल उठाया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्य सचिव ने राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों – चाहे वे स्थायी हों या अस्थायी – को 21 जून को होने वाले कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेने का निर्देश दिया है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए ‘योग संगम’ पोर्टल पर पंजीकरण के संबंध में राज्य के मुख्य सचिव के एक पत्र का हवाला देते हुए, भट्टाचार्य ने अदालत के समक्ष कहा कि वह यह निर्देश जारी करने के मुख्य सचिव के ‘‘मौलिक अधिकार क्षेत्र’’ को चुनौती दे रहे हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) बिलवादल भट्टाचार्य ने दलील दी कि यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र महासभा का है, जिसका नेतृत्व भारत कोलकाता से कर रहा है और इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी भागीदारी होगी।
एएजी ने कहा कि कर्मचारियों के लिए कार्यक्रम में शामिल होने के विकल्पों में तय जगहों के साथ-साथ उनके रहने की जगह भी शामिल है, और सवाल किया कि इसे अनिवार्य कैसे माना जा सकता है।
उन्होंने उल्लेख किया कि 2025 में आंध्र प्रदेश, जो योग दिवस आयोजित करने वाला मुख्य राज्य था, ने लोगों की भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल एक नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहा है।’’
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिछले साल कहा था कि 3.03 लाख लोगों ने एक ही जगह पर सबसे अधिक लोगों के योग करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
अदालत ने कहा कि यह कर्मचारियों की सेहत के लिए एक कार्यक्रम है।
न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि पत्र में, नामित होने पर हिस्सा लेने के लिए कहा गया है, ऐसे में अनिवार्य भागीदारी का सवाल कहां से उठता है।
उन्होंने कहा कि इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी की बात है।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश