चंडीगढ़, 18 जून (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी (आप) से कहा कि वह भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से हटा दे, वरना उसे अकाल तख्त की ओर से ‘धर्मयुद्ध’ का सामना करना पड़ेगा।
शिअद का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब सिख धर्मगुरुओं ने पंथ द्वारा ईशनिंदात्मक माने गए एक वीडियो को लेकर मान को ‘गुरु-दोखी’ (गुरुओं का अपमान करने वाला) और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित कर दिया था।
बादल ने कहा कि अगर मान को नहीं हटाया गया, तो शुक्रवार को अमृतसर में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब के संरक्षण में ‘धर्मयुद्ध मोर्चा’ शुरू किया जाएगा।
बादल ने आरोप लगाया, ‘‘भगवंत मान ने महान गुरु साहिबान और सिख नायकों के ख़िलाफ़ जो किया है, उसे बर्दाश्त करना किसी के बस की बात नहीं है। उन्होंने बहुत लंबे समय से सिख समुदाय के सब्र की परीक्षा ली है। अब हद पार हो गई है।’’
बादल ने सभी धार्मिक संगठनों, सिख संस्थाओं, संत समाज, धर्मगुरुओं, सिख विद्वानों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे मान के खिलाफ प्रस्तावित ‘धर्मयुद्ध’ में शामिल हों।
शिअद प्रमुख ने पार्टी सदस्य बलविंदर सिंह भुंडर की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली एक समिति बनाई है। इस समिति में महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, गुलज़ार सिंह रणीके, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और अमरजीत सिंह चावला सदस्य हैं और इसका काम मोर्चे के लिए समर्थन जुटाना है।
भाषा आशीष माधव
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