कोलकाता, दो फरवरी (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि विपक्षी नेताओं पर किसी भी प्रकार का हमला न हो।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दावा किया कि विपक्षी नेताओं को मनगढ़ंत मामले दर्ज करके उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है और उन्हें गुंडों के हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि संबंधित लोगों पर किसी भी प्रकार का हमला न हो।
अदालत ने कहा कि जनहित याचिका पर 18 फरवरी को फिर से सुनवाई होगी।
शुभेन्दु अधिकारी की ओर से पेश अधिवक्ता ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना में 10 जनवरी को अपने मुवक्किल के काफिले पर हुए कथित हमले का हवाला देते हुए अनुरोध किया कि राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह उच्च न्यायालय की एकल पीठ को आश्वासन दिया था कि 19 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख तक अधिकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
शुभेन्दु अधिकारी ने उक्त याचिका में दावा किया था कि उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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