कोलकाता, 15 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने बेरोजगार युवाओं को नई ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए उनके पंजीकरण के वास्ते शिविरों का संचालन रविवार को शुरू कर दिया।
सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित इन शिविरों में महिलाओं और किसानों के लिए अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए नए आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।
कई शिविरों में लंबी कतारें देखी गईं और स्नातकोत्तर छात्रों सहित प्रतिभागियों ने नई योजना पर संतोष व्यक्त किया। इस योजना के तहत 21-40 वर्ष की आयु वर्ग के बेरोजगार युवाओं को अधिकतम पांच वर्षों की अवधि के लिए 1,500 रुपये का मासिक भत्ता प्रदान किया जाएगा।
ये शिविर 26 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक संचालित होंगे। महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना और कृषक बंधु और कृषि श्रमिक भत्ता योजनाओं के लिए भी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में पेश किए गए राज्य के बजट में ‘बांग्लार युवा साथी’ पहल की घोषणा की है। यह एक अप्रैल से लागू होगी।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ऑनलाइन प्रणाली के बजाय शिविरों की आवश्यकता पर सवाल उठाया।
अधिकारी ने कहा कि ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना का भी वही हश्र होगा जो 2013 में शुरू की गई इसी तरह की योजना का हुआ था। उन्होंने दावा किया कि पिछली पहल के तहत 17 लाख आवेदकों को भत्ते और रोजगार प्रदान किए जाने थे, लेकिन इसे बंद कर दिया गया और 2017-18 वित्तीय वर्ष से इसके लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई।
अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘राज्य सरकार ने राजनीतिक और कानूनी जोखिमों से बचने के लिए जानबूझकर रोजगार सृजन के रास्ते बंद कर दिए हैं। हमारे पास जानकारी है कि पिछली आवेदन सूची को नष्ट कर दिया गया है।’
उन्होंने कहा, ‘यह सरकार ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की अनुमति क्यों नहीं दे रही है? संसाधनों की कमी के कारण इस योजना का भी वही हाल होगा जो पिछली योजना का हुआ था।’
सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पर्याप्त रोजगार सृजित करने में विफल रहने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि राज्य सरकार नौकरी चाहने वालों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। भाषा शुभम शोभना
शोभना