(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 14 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेशी बताकर परेशान किया जा रहा है और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
उन्होंने उत्तर बंगाल के कूच बिहार में रोड शो के बाद एक सभा में अपने संबोधन में नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह बंगाल को उसका जायज हक नहीं दे रही है क्योंकि राज्य की जनता तृणमूल को बार बार जिता कर सत्ता में ला रही है।
तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘वे भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को सता रहे हैं और प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने हमारे आदर्शों का अपमान किया है, हमारी संस्कृति को नीचा दिखाया है, हमारी खान-पान की आदतों को नियंत्रित करने की कोशिश की है, हमारी भाषा की वैधता पर सवाल उठाया है और सबसे बढ़कर, लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करने की साजिश रची है।’’
डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा, ‘‘भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों पर हमले किए जा रहे हैं, उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है। कई क्षेत्रों में तो मछली और मांस की बिक्री एवं सेवन पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है।’’
तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता अभिषेक बनर्जी ने इस बात पर पूरा भरोसा जताया कि विधानसभा चुनाव के नतीजे के दिन चार मई को बंगाल की जनता ‘ दंभी एवं बंगाल विरोधी जमींदारों’ को सबक सिखा देगी।
उन्होंने कहा,‘‘राजबंशी और मतुआ जैसे समुदायों के प्रति भाजपा के प्रेम का खोखलापन तब उजागर हो गया जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से इन समुदायों के लाखों सदस्यों के नाम मनमाने ढंग से हटा दिए गए।’’
उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि तृणमूल यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी वैध मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
भाषा राजकुमार माधव
माधव