बेंगलुरु पुलिस ने 60.86 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए, आठ गिरफ्तार

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बेंगलुरु पुलिस ने 60.86 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए, आठ गिरफ्तार

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 04:31 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 04:31 PM IST

बेंगलुरु, 11 जुलाई (भाषा) बेंगलुरु पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ कर पांच विदेशी नागरिकों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इसने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ भी जब्त किए जिनका अनुमानित बाजार मूल्य 60.86 करोड़ रुपये है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 29 किलोग्राम एमडीएमए, 20 ग्राम कोकीन और मादक सामग्री युक्त 1,000 गोलियां जब्त कीं।

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान हेब्बल थाना, सीसीबी मादक पदार्थ रोधी शाखा और गिरिनगर थाना पुलिस ने स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज अलग-अलग मामलों में चलाया।

पुलिस दल ने उनके पास से 17.282 किलोग्राम एमडीएमए जब्त किया, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 34.56 करोड़ रुपये है।

वहीं, एक अलग अभियान में, सीसीबी मादक पदार्थ रोधी शाखा ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज किए और तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो नाइजीरियाई और एक दक्षिण अफ्रीकी नागरिक शामिल हैं।

अभियान के दौरान पुलिस ने 6.718 किलोग्राम एमडीएमए और 20 ग्राम कोकीन भी जब्त की, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 14.30 करोड़ रुपये है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चला है कि ये मादक पदार्थ दिल्ली के एक आपूर्तिकर्ता से मंगवाए गए थे और बेंगलुरु में स्थानीय मादक पदार्थ बेचने वालों को बांटे जा रहे थे।

तीसरे मामले में, गिरिनगर थाने के अधिकारी और कर्मचारी पिछले 10 दिन से मुखबिरों से मिली भरोसेमंद जानकारी के आधार पर थानाक्षेत्र में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान एक और नाइजीरियाई नागरिक को पकड़ा गया तथा उसके पास से पांच किलोग्राम एमडीएमए और मादक सामग्री युक्त 1,000 गोलियां जब्त की गईं, जिनकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इसने कहा, “जांच से पता चला कि जब्त एमडीएमए को एक विदेशी नागरिक नयी दिल्ली से लाया था और इसकी बेंगलुरु शहर में गैर-कानूनी तौर पर बांटने के लिए स्थानीय आरोपियों के जरिए आपूर्ति की जा रही थी।”

भाषा प्रशांत नेत्रपाल

नेत्रपाल