बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस ने नगर पालिका ‘घोटाले’ का पैसा अपने रेस्तरां में लगाया : ईडी

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बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस ने नगर पालिका ‘घोटाले’ का पैसा अपने रेस्तरां में लगाया : ईडी

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 05:27 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 05:27 PM IST

नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस नेता सुजीत बोस के खिलाफ दाखिल किए गए ताजा आरोपपत्र में दावा किया है कि उन्होंने कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से प्राप्त अवैध धन अपने चीनी रेस्तरां और अन्य आतिथ्य कारोबार में लगाया।

ईडी ने मई में सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। वह अभी कोलकाता की जेल में बंद हैं।

शनिवार को एक बयान में, संघीय एजेंसी ने कहा कि उसने 9 जुलाई को कोलकाता की एक विशेष पीएमएलए (धन शोधन रोकथाम अधिनियम) अदालत में बोस (जो अग्निशमन और आपात सेवा विभाग के पूर्व मंत्री हैं), उनके बेटे समुद्र बोस, आईएएस अधिकारी और स्थानीय निकायों के पूर्व निदेशक ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

बयान में ईडी ने दावा किया कि दक्षिण दमदम नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष बोस ने नगर निकाय में अलग-अलग पदों के लिए 340 उम्मीदवारों की ‘‘गैर-कानूनी’’ तौर पर सिफारिश की थी, और उनमें से 284 को 2014-22 के दौरान नौकरी मिल गई।

ईडी का दावा है कि अयोग्य उम्मीदवारों से जो पैसे मिले, उन्हें शुरू में सुजीत बोस के मालिकाना हक वाली कंपनी ‘चाइनीज क्विजीन रेस्टोरेंट’ में लगाया गया। रेस्तरां का कारोबार बहुत कम होने के बावजूद, इन पैसों को वैध नकद बिक्री के तौर पर दिखाया गया। यहां तक कि कोविड लॉकडाउन के दौरान भी बैंक खातों में भारी मात्रा में नकदी जमा की गई।

बिधाननगर से तीन बार के विधायक बोस हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गए थे।

ईडी ने अक्टूबर 2025 में पूर्व खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के अलावा उनके यहां भी छापेमारी की थी।

हालांकि, बोस ने इन भर्तियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।

ईडी आरोप लगाया कि चीनी रेस्तरां से निकाली गई धनराशि का इस्तेमाल आतिथ्य क्षेत्र की अन्य इकाइयों का वित्तपोषण करने और उनका विस्तार करने में किया गया, जिसमें ‘श्री वेंकटेश बैंक्वेट्स एंड स्पेशलिटी ढाबा एलएलपी’ (जो बंगाल ढाबा और द बार एंड लाउंज का संचालन करती है) भी शामिल है।

संघीय एजेंसी के अनुसार, यह धनराशि पूंजी निवेश और बिना जमानत वाले ऋण के रूप में इन संस्थाओं में लगाई गई।

ईडी ने कहा कि संपत्तियों की खरीद के लिए अतिरिक्त धनराशि विभिन्न फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों से उधार लेकर जुटाई गई थी। एजेंसी के अनुसार, बाद में इन कर्जों का भुगतान आतिथ्य क्षेत्र की इकाइयों की ‘‘बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई’’ और ‘‘फर्जी’’ नकद बिक्री के माध्यम से अपराध से अर्जित धन का हेरफेर कर किया गया।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि सुजीत बोस कुछ व्यक्तियों को नौकरी दिलाने के बदले कई फ्लैट के रूप में अपराध से अर्जित धन के ‘‘प्रत्यक्ष’’ लाभार्थी हैं।

यह इस मामले में दूसरा अरोपपत्र है। पहला आरोपपत्र फरवरी 2025 में अयान सिल के खिलाफ दाखिल की गई थी।

सिल, एबीएस इन्फोज़ोन नाम की कंपनी के निदेशक थे। यह कंपनी राज्य के अलग-अलग नगर निकायों के लिए प्रश्न-पत्र और ‘ओएमआर शीट’ छापने, उम्मीदवारों के अंकों का मूल्यांकन करने और मेधा सूची तैयार करने का काम करती थी।

भाषा सुभाष नेत्रपाल

नेत्रपाल