तिरुवनंतपुरम, 11 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में किए गए संशोधनों का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है तथा ये ‘‘किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं हैं।’’
चंद्रशेखर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने ‘कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया’ (सीबीसीआई) द्वारा उठाई गई चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुना और एफसीआरए के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण दिया।
उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पर साझा की गई पोस्ट में कहा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और वह स्वयं इन संशोधनों को लेकर उत्पन्न चिंताओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार के साथ चर्चा कराने के लिए हमेशा तैयार रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एफसीआरए वर्ष 2010 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में बनाया गया था और मौजूदा राजग सरकार ने केवल इसमें संशोधन किए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन संशोधनों का पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट) नहीं होगा, जिससे मौजूदा परिसंपत्तियों से जुड़ी चिंताओं का समाधान हो गया है।
चंद्रशेखर के अनुसार केंद्रीय गृह सचिव और एफसीआरए निदेशक सहित अधिकारियों के एक दल ने सीबीसीआई नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा की, उनके सभी सवालों के जवाब दिए और उनकी चिंताओं का समाधान किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की बैठक से एफसीआरए संशोधनों को लेकर पिछले कई महीनों से कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा फैलाए जा रहे ‘झूठ और भय’ की पोल खुल गई है।
चंद्रशेखर ने कहा कि सुशासन केवल पारदर्शी और परस्पर सम्मानजनक संवाद के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने दोहराया कि एफसीआरए संशोधनों का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है, न कि किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना।
उन्होंने सीबीसीआई नेतृत्व का रचनात्मक सहयोग के लिए तथा केंद्र सरकार का स्पष्टता और सम्मान के साथ उनकी चिंताओं का समाधान करने के लिए भी आभार व्यक्त किया।
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