बेंगलुरु, एक जून (भाषा) सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को जांच शुरू की गई, जिसमें कथित तौर पर यहां ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर धरने पर बैठे व्यक्ति ने दावा किया कि वीआईपी आवागमन के चलते यातायात रोके जाने की वजह से उसकी गर्भवती पत्नी वाहन में फंसी रही। पुलिस ने यह जानकारी दी।
रविवार को हुई इस घटना के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर आक्रोश जताया। दावा किया जा रहा है कि राज्यपाल का काफिला गुजरने के कारण ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर यातायात रोका गया था।
‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक उपयोगकर्ता द्वारा साझा किए गए वीडियो में एक परेशान वाहन चालक पुलिसकर्मियों के सामने सड़क पर बैठा दिखाई दिया।
पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप करने पर उसने कथित तौर पर हटने से इनकार कर दिया और कहा कि उसकी गर्भवती पत्नी को तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता है। उसने यह भी सवाल उठाया कि वीआईपी आवागमन को सार्वजनिक आपात स्थितियों पर प्राथमिकता क्यों दी जाती है।
यह वीडियो राहगीरों और अन्य यात्रियों द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जिसके बाद ऑनलाइन तीखी आलोचना हुई और शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर वीआईपी संस्कृति को लेकर सवाल उठाए गए तथा जनता को हो रही असुविधा पर चिंता जताई गई।
वीडियो पोस्ट करने वाले उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘‘ओल्ड एयरपोर्ट रोड पहले से ही अंडरपास निर्माण के कारण जाम से जूझ रहा है। आज राज्यपाल के काफिले के कारण लगभग 30 मिनट तक यातायात पूरी तरह रोक दिया गया। एक व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी के साथ जाम में फंस गया। आखिर कब सार्वजनिक सुविधा को वीआईपी सुविधा के बराबर महत्व मिलेगा?’’
यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच पहले ही शुरू कर दी गई है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है, जिसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, आईटी क्षेत्र के दिग्गज टी वी मोहनदास पाई ने पोस्ट साझा करते हुए वीआईपी संस्कृति की आलोचना की और नामित मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को टैग करते हुए वीआईपी आवागमन के दौरान यातायात रोकने की समीक्षा की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आवश्यकता से अधिक समय तक यातायात रोकती है और नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इस तरह की वीआईपी संस्कृति को शहर से खत्म किया जाना चाहिए। पुलिस नागरिकों के साथ भी काफी रूखा व्यवहार करती है और उन्हें धक्का देती है। नागरिकों के साथ सम्मान होना चाहिए।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हम प्रजा नहीं हैं। मुझे पहले राजभवन के सामने एक एसपी (पुलिस अधीक्षक) द्वारा अपमानित किया गया था। इस तरह की संस्कृति को बदलना होगा।’’
उन्होंने अपने पोस्ट में बेंगलुरु शहर पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह, कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम ए सलीम और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी टैग किया।
भाषा अमित अविनाश
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