गोवा विस में एसटी के लिए आरक्षण की मांग को लेकर भाजपा का प्रतिनिधिमंडल सीईओ से मिला

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गोवा विस में एसटी के लिए आरक्षण की मांग को लेकर भाजपा का प्रतिनिधिमंडल सीईओ से मिला

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 04:14 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 04:14 PM IST

पणजी, एक जून (भाषा) गोवा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीट आरक्षित करने की मांग तेज कर दी है और इसी कड़ी में सोमवार को पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से मुलाकात की।

वहीं, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सहित शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया।

भाजपा की गोवा इकाई की कोर कमेटी के सदस्य गोविंद पर्वतकर ने पार्टी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता की, जिसने सोमवार को यहां सीईओ संजय गोयल से मुलाकात किया।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री सावंत, पार्टी की गोवा इकाई के अध्यक्ष दामोदर नाइक और सांसद सदानंद शेट तनावाडे सहित वरिष्ठ नेता इस मांग के साथ नयी दिल्ली में हैं।

पर्वतकर ने कहा,‘‘वे दिल्ली में पार्टी नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्वाचन आयोग आगामी चुनाव से पहले अनुसूचित जनजातियों के लिए सीट आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू करे।’’

गोवा विधानसभा के लिए अगले साल मार्च में चुनाव होने की संभावना है।

पर्वतकर नीत प्रतिनिधिमंडल ने गोयल को एक ज्ञापन सौंपकर राज्य में अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा में आरक्षण की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहां विधानसभा में अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए कोई आरक्षण नहीं है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी से मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें बताया कि भाजपा नीत सरकार ने अनुसूचित जनजाति आरक्षण के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। गोवा विधानसभा ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित किया है।’’

सीईओ गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि संसद ने गोवा राज्य की विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के पुनर्व्यवस्थापन विधेयक 2024 को पारित कर दिया है और अब इस प्रक्रिया को भारत के महापंजीयक और केंद्रीय विधि मंत्रालय के साथ मिलकर निर्वाचन आयोग द्वारा पूरा किया जाना होगा।

गोयल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति की आबादी से संबंधित आंकड़े सीईओ कार्यालय में उपलब्ध हैं, जिसके आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।

भाषा धीरज रंजन

रंजन