नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) दिल्ली यातायात पुलिस ने तीन जनवरी से नौ फरवरी के बीच गलत दिशा में गाड़ी चलाने के आरोप में 182 प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें से सबसे अधिक मामले नयी दिल्ली क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में सड़क पर गलत दिशा में गाड़ी चलाना अब मामूली यातायात उल्लंघन नहीं माना जा रहा, बल्कि एक गंभीर और जानलेवा अपराध माना जा रहा है।
इन आंकड़ों के अनुसार, गलत दिशा में गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ औसतन प्रतिदिन पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान सबसे अधिक 53 मामले नयी दिल्ली रेंज में दर्ज किए गए। दक्षिणी रेंज में 37 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जबकि मध्य, उत्तरी और पश्चिमी रेंज में 27-27 मामले दर्ज किए गए। पूर्वी रेंज में 11 प्राथमिकी दर्ज की गईं।
इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज रफ्तार से वाहन चलाना जिसमें छह महीने तक की कैद और 1,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘गलत दिशा में गाड़ी चलाना, यातायात नियमों का उल्लंघन करना और लाल बत्ती पार करना आमने-सामने की टक्करों, वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को गंभीर चोटों तथा जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ा देता है। विपरीत दिशा में गाड़ी चलाना न केवल नियम तोड़ने वाले को, बल्कि सड़क पर चलने वाले निर्दोष लोगों को भी अत्यधिक खतरे में डालता है। तेज गति से आमने-सामने की टक्कर में बचने की संभावना बहुत कम होती है।’’
अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पूरे शहर में सख्त प्रवर्तन उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों, कृत्रिम मेधा (एआई)-आधारित उच्च प्रौद्योगिकी वाले कैमरों के माध्यम से निगरानी और प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवरों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात कर्मियों की तैनाती तथा गहन गश्त मौजूदा अभियान का हिस्सा है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘सभी को उचित लेन में गाड़ी चलानी चाहिए और गति सीमा का सख्ती से पालन करना चाहिए। तेज गति जानलेवा साबित हो सकती है। गाड़ी चलाते समय लोगों को अपने फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और रील नहीं बनानी चाहिए या सोशल मीडिया स्क्रॉल नहीं करना चाहिए। कुछ सेकंड का ध्यान भटकना किसी की जान ले सकता है।’’
पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जांच के जरिए नियमों को तोड़ने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा, गंभीर मामलों में वाहन जब्त किए जा रहे हैं और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि हाल के महीनों में लापरवाही और गलत दिशा में गाड़ी चलाने से जुड़ी कई घातक दुर्घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, ऐसी ही एक घटना में, तीन फरवरी को दिल्ली के द्वारका में एक तेज रफ्तार एसयूवी ने कथित तौर पर मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे 23 वर्षीय साहिल की मौत हो गई।
भाषा
नोमान नेत्रपाल
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