गुमराह करने वाली ‘‘बाहरी ताकतों’ से सावधान रहें ‘जेन जी’: ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी

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गुमराह करने वाली ‘‘बाहरी ताकतों’ से सावधान रहें ‘जेन जी’: ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी

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  • Publish Date - August 9, 2026 / 10:14 PM IST,
    Updated On - August 9, 2026 / 10:14 PM IST

भुवनेश्वर, नौ अगस्त (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि ‘जेन जी’ देश के दुश्मन नहीं है। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि वे ‘‘उन्हें गुमराह करने वाली और वैश्विक मंच पर भारत को कमजोर करने का प्रयास कर रही बाहरी ताकतों’’ का शिकार न बनें।

माझी ने राज्य स्तरीय ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के युवाओं को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया के दुरुपयोग, नशे और नकारात्मक अभियानों के जरिए युवाओं को ‘‘बाहरी ताकतों द्वारा गुमराह किया जा रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारत के युवा देशभक्त हैं और देश को आगे ले जाने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ये अदृश्य ताकतें अपने लक्ष्यों में कभी सफल नहीं होंगी। मेरी सलाह है कि युवा देशभक्ति को प्राथमिकता दें। युवाओं की एक ही आवाज है-हमारा देश सुरक्षित रहेगा।’’

माझी ने बाद में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘जेन जी हमारे दुश्मन नहीं हैं। वे हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं। 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए जेन जी बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत को विश्वगुरु बनाने में वे नेतृत्व की भूमिका निभाएंगे।’’

हालांकि, उन्होंने कहा कि जेन जी का एक वर्ग देश-विरोधी विदेशी ताकतों से प्रभावित हो सकता है, लेकिन ऐसा असर अस्थायी होता है।

माझी ने कहा, ‘‘भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अन्य महान स्वतंत्रता सेनानियों की धरती से आने वाले जेन जी हमेशा विदेशी ताकतों के मुकाबले अधिक मजबूत रहेंगे।’’

मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष की मुख्य सचेतक और बीजू जनता दल (बीजद) की सात बार की विधायक प्रमिला मलिक ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ बोलने वाले हर व्यक्ति को ‘‘बाहरी ताकत’’ बताया जाता है और इसके खिलाफ लिखने वालों को ‘‘राष्ट्र विरोधी’’ करार दिया जाता है।

मलिक ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करती, बल्कि अपनी खामियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराती है।’’

ओडिशा में धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ हुए आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाली बीजद की छात्र इकाई की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने भी मुख्यमंत्री के बयान को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आरोप लगाया गया है, जेन जी गुमराह नहीं हुआ है। वे अच्छी तरह शिक्षित हैं और सही-गलत को समझने में सक्षम हैं। यह पीढ़ी भारत के सबसे प्रतिभाशाली दिमागों का प्रतिनिधित्व करती है।’’

‘जेन जी’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी संबलपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद धर्मेंद्र प्रधान के उस दावे के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘जेन-जी’ को ‘‘गुमराह’’ करने की कोशिश की गई, इसी कारण उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

प्रधान ने कहा था, ‘‘जेन-जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मेरा कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं था। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले 10 वर्षों के दौरान 20 करोड़ बच्चों का जन्म हुआ। उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं, और वे भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।’’

राज्य स्तरीय ‘तिरंगा यात्रा’ में उप मुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव और प्रवती परिदा के अलावा अन्य मंत्री, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।

माझी ने लोगों से इस राष्ट्रीय उत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि प्लास्टिक के झंडों की जगह केवल कपड़े के झंडों का उपयोग करें।’’

हाथों में तिरंगा लिए छात्रों, स्काउट्स एवं गाइड्स, एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों के साथ एक रंगारंग यात्रा निकाली गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में 60 लाख झंडे वितरित किए गए हैं और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।

भाषा आशीष नरेश

नरेश