जयपुर, 29 अप्रैल (भाषा) राजस्थान पुलिस ने बिना कागजात के कुछ ही मिनटों में ‘तुरंत लोन’ देने का दावा करने वाले मोबाइल ऐप के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठग ऐसे ऐप के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर अपराध) वी.के. सिंह के निर्देश पर पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, एसएमएस और मोबाइल ऐप के जरिए फैल रही ‘तत्काल लोन’ तथा तथाकथित ‘चाइनीज लोन ऐप’ धोखाधड़ी को लेकर परामर्श जारी किया है।
परामर्श के अनुसार, साइबर अपराधी कम समय में बिना जांच-पड़ताल (केवाईसी) और बिना दस्तावेज के लोन देने का झांसा देकर लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चुराते हैं तथा उनका आर्थिक और मानसिक शोषण करते हैं। ठग सोशल मीडिया विज्ञापनों, एसएमएस, व्हाट्सएप संदेशों और मोबाइल ऐप के जरिए “कम ब्याज”, “बिना दस्तावेज” और “पांच मिनट में खाते में पैसा” जैसे लुभावने वादों से लोगों को फंसाते हैं।
पुलिस के मुताबिक, जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे ऐप डाउनलोड करता है, ऐप उससे संपर्क सूची, एसएमएस, गैलरी, माइक्रोफोन और लोकेशन जैसी संवेदनशील अनुमतियां मांगता है। अनजाने में अनुमति देने पर मोबाइल का पूरा डेटा अपराधियों के सर्वर तक पहुंच सकता है और ऐप हटाने के बाद भी यह डेटा उनके पास सुरक्षित रहता है।
परामर्श में कहा गया है कि ऐसे ऐप आमतौर पर सिबिल स्कोर या बैंकिंग प्रक्रिया की जांच नहीं करते, बल्कि मोबाइल में मौजूद संपर्क और निजी जानकारी का उपयोग बाद में दबाव बनाने के लिए करते हैं। शुरुआत में 3,000 से 5,000 रुपये तक की छोटी राशि देकर कुछ ही दिनों में भारी ब्याज जोड़कर 8,000 रुपये या उससे अधिक वसूला जाता है।
पुलिस ने बताया कि भुगतान न करने पर ठग पीड़ित की निजी तस्वीरों से छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील रूप में बदलने और परिवार या मित्रों को भेजने की धमकी देते हैं। कई मामलों में रिश्तेदारों और सहकर्मियों को फोन कर बदनाम करने का भी प्रयास किया जाता है, जिससे पीड़ित मानसिक तनाव में आ सकता है।
पुलिस ने लोगों से ऐसे ऐप और ‘लुभावनी पेशकशों’ से दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की अपील की है।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत