बिदादी परियोजना : देवेगौड़ा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जद(एस) के मार्च में शामिल हुए

बिदादी परियोजना : देवेगौड़ा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जद(एस) के मार्च में शामिल हुए

बिदादी परियोजना : देवेगौड़ा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जद(एस) के मार्च में शामिल हुए
Modified Date: August 10, 2026 / 02:10 pm IST
Published Date: August 10, 2026 2:10 pm IST

बेंगलुरु, 10 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिणी जिले के बिदादी में जीबीआईटी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जनता दल सेक्युलर की ओर से आयोजित पदयात्रा में सोमवार को पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा शामिल हुए।

केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में घटक जद(एस) की युवा शाखा के अध्यक्ष और देवेगौड़ा के पोते निखिल कुमारस्वामी की अगुवाई में बिदादी के पास बायरामंगला से बेंगलुरु शहर के फ्रीडम पार्क तक तीन दिवसीय पदयात्रा कर रही है और सोमवार को पदयात्रा का दूसरा दिन है।

रविवार को बायरामंगला में जद(एस) नेता और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक के साथ मिलकर तीन दिवसीय पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा में कुल मिलाकर लगभग 38 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।

बिदादी के बीजीएस सर्कल में मार्च के दूसरे दिन की शुरुआत के समय 93 वर्षीय देवेगौड़ा ने इसमें हिस्सा लिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘नम्मा भूमि, नम्मा हक्कू’ (हमारी ज़मीन, हमारा अधिकार) जैसे नारे लगाए और सरकार पर आरोप लगाया कि वह रियल एस्टेट के हितों को बढ़ावा दे रही है और किसानों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है।

किसानों और स्थानीय लोगों के विरोध के बीच, सरकार ने ‘ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट’ (जीबीआईटी) के बारे में अलग-अलग राय और प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश गुहानथन नरेंद्र की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है।

किसानों और स्थानीय निवासियों के विरोध के बीच राज्य सरकार ने जीबीआईटी परियोजना के लिए सात गांवों में 5,400 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण को लेकर अंतिम अधिसूचना के दो चरण जारी किए हैं।

सूत्रों के अनुसार, बिदादी परियोजना के लिए 25 गांवों में फैली 9,600 एकड़ भूमि की जरूरत है।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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