शह मात The Big Debate: तिलक, गंगाजल, मुसलमान..’गरबा’ पर सियासी घमासान, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के बयान से गरमाई सियासत, क्या गरबे पर बयानबाजी से और बढ़ेगा बंटवारा?

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Dr. Salim Raj Statement On Garba: वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सलीम राज की अपील है कि नवरात्रि के दौरान मुस्लिम समाज के लोग गरबा में शामिल न हों।

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 11:32 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 11:34 PM IST

Dr. Salim Raj Statement On Garba/Image Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने नवरात्रि से पहले मुस्लिम समाज से बड़ी अपील की है।
  • वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील है कि नवरात्रि के दौरान वे गरबा में शामिल न हों।
  • स्लिम राज ने कहा- किसी मुस्लिम को जाना है तो माथे पर तिलक लगाकर, गंगाजल ग्रहण कर जाए।

Dr. Salim Raj Statement On Garba: रायपुर: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज की अपील है कि इस बार नवरात्रि के दौरान मुस्लिम समाज के लोग गरबा में शामिल न हों। गरबा एक धार्मिक परंपरा है, गरबा स्थल हिंदुओं की आस्था के केंद्र हैं इसीलिए मुस्लिमों को उसका सम्मान करना चाहि। फिर भी किसी मुस्लिम को जाना है तो माथे पर तिलक लगाकर, गंगाजल ग्रहण कर जाए।

पिछले तजुर्बों के आधार पर डॉ सलीम राज की नसीहत पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी तेजी से आईं। बीजेपी ने जहां फैसले का स्वागत किया तो कांग्रेस इस पर खुलकर कुछ बोल नहीं पा रही। गोल-मोल सा जवाब दिया, तो विपक्ष को ये नसीहत रास नहीं आ रही।

Dr. Salim Raj Statement On Garba:  ये सच है कि हर साल अपनी पहचान छिपाकर गरबा पंडालों में पहुंचने वालों की वजह से बेवजह का तनाव होता रहा है। इसे रोकने तिलक-गंगाजल-गौमूत्र पिलाने से लेकर ID कार्ड की अनिवार्यता जैसे कदम उठाए जाते रहे हैं, तो फिर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ राज की सीधी नसीहत पर ऐसे टेढ़े सियासी बयान क्यों? सीधा सवाल ये भी गरबा कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं और खासकर मुस्लिम युवकों की एंट्री क्यों मिलनी चाहिए?

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