बिहार: वर्षों पहले मृत घोषित किए गए महिला और युवक जीवित मिले

बिहार: वर्षों पहले मृत घोषित किए गए महिला और युवक जीवित मिले

बिहार: वर्षों पहले मृत घोषित किए गए महिला और युवक जीवित मिले
Modified Date: September 18, 2026 / 06:19 pm IST
Published Date: September 18, 2026 6:19 pm IST

सासाराम/मुजफ्फरपुर, 18 सितंबर (भाषा) बिहार में अलग-अलग मामलों में मृत घोषित किए गए महिला और पुरुष वर्षों बाद सामने आए, जिनके बारे में पुलिस का कहना है कि उन्होंने अपने-अपने साथियों के साथ रहने के लिए मौत का नाटक रचा था।

अधिकारियों ने बताया कि रोहतास जिले में 2014 में एक शव मिलने के बाद मृत घोषित की गई महिला शकुंतला देवी को पड़ोसी राज्य झारखंड में खोजा गया, जबकि 2022 में अपनी हत्या का नाटक करने वाला सोनू कुमार चार साल बाद पुलिस के सामने आया।

अधिकारियों ने बताया कि रोहतास में शकुंतला के भाई ने 2014 में नहर से मिले एक महिला के शव की पहचान अपनी बहन के रूप में की थी।

उन्होंने कहा कि इसके बाद पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करके शकुंतला के पति अरुण मेहता और उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों ने कहा कि यह पता चला कि शकुंतला ने अपने परिवार को बताया था कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल वाले उसे परेशान करते थे।

रोहतास के पुलिस अधीक्षक राज ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मामले के करीब एक दशक बाद शकुंतला झारखंड में मिली, जहां वह दूसरे नाम से रह रही थी। उन्होंने कहा कि वह गढ़वा जिले में एक अन्य व्यक्ति के साथ रह रही थी।

मेहता परिवार द्वारा पुलिस को जानकारी दिए जाने के बाद पुलिस ने उसे खोज निकाला और गिरफ्तार कर रोहतास ले आई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को गुमराह करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में शकुंतला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

पुलिस ने बताया कि मेहता कुछ समय जेल में रहे थे और बाद में जमानत मिल गई थी, जबकि मामले की सुनवाई जारी रही।

अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य मामले में गोपालगंज निवासी सोनू कुमार ने 2022 में अपनी हत्या का नाटक किया था और प्रेमिका के साथ दूसरे राज्य चला गया था। वह 17 सितंबर को पुलिस के सामने आया।

पुलिस के अनुसार, सोनू छह नवंबर 2022 को अपनी दुकान के लिए सामान खरीदने के सिलसिले में 50 हजार रुपये लेकर घर से निकला था और तीन दिन बाद उसके भाई ने थावे थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने कहा कि मामले में उस समय नया मोड़ आया जब परिवार को एक व्हाट्सऐप ऑडियो संदेश और सोनू की एक तस्वीर मिली, जिसमें उसके सिर पर खून दिखाई दे रहा था।

पुलिस के अनुसार संदेश में दावा किया गया था कि मुजफ्फरपुर के देवरिया इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने लूट के बाद हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद देवरिया थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

सरैया की एसडीपीओ अभिजीत कौर ने पत्रकारों से कहा कि जांच में पता चला कि सोनू ने अपने परिवार के विरोध से बचने और अपने संबंध को छिपाने के लिए पूरी घटना की साजिश रची थी।

उन्होंने कहा कि सोनू अपनी प्रेमिका के साथ दूसरे राज्य चला गया था और पुलिस के लगातार दबाव के बाद 17 सितंबर को सामने आया।

पुलिस ने बताया कि मामले में विस्तृत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

भाषा सं कैलाश जोहेब

जोहेब


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