अरसे बाद मराठवाड़ा में हुई बारिश, वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की मौत

अरसे बाद मराठवाड़ा में हुई बारिश, वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की मौत

अरसे बाद मराठवाड़ा में हुई बारिश, वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की मौत
Modified Date: September 18, 2026 / 06:06 pm IST
Published Date: September 18, 2026 6:06 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 18 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में लंबे समय तक सूखा रहने के बाद उसके कई हिस्सों में बारिश हुई, जबकि छत्रपति संभाजीनगर जिले के ग्रामीण इलाकों में वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं में एक दंपति समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मराठवाड़ा के पांच जिलों में बृहस्पतिवार को 31 राजस्व क्षेत्रों में एक ही दिन में 65 मिलीमीटर (मिमी) से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

संभागीय आयुक्त के कार्यालय की एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज़्यादा 126 मिमी वर्षा परभणी ज़िले के ज़ारी राजस्व क्षेत्र में हुई।

बीड़ जिले की पारली तहसील के सिरसाला क्षेत्र में 112.5 मिमी और परभनी के पेडगांव में 111.5 मिमी वर्षा दर्ज की गयी।

एक अधिकारी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर में कन्नड़ तहसील के वाहुलखेड़ा गांव में बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े तीन लोगों की बिजली गिरने से मौत हो गई।

मृतकों की पहचान हमीदा सैयद (40), तस्लीम सैयद (39) और अल्मीरा सैयद (17) के तौर पर हुई है।

अधिकारी ने बताया कि तीन अन्य लोग – हाफिज सैयद (25), अनीसा सैयद (38) और फर्जाना सैयद (25) – घायल हो गए तथा उनका इलाज किया जा रहा है।

सिलोद तहसील के दहीगांव में बिजली गिरने की एक और घटना में एक दंपति की मौत हो गई। वे तेज बारिश से बचने के लिए एक झोपड़ी में रुके थे, जिस पर आसमान से बिजली गिर गई। मरने वालों में किसान मनोहर दुधे (60) और उनकी पत्नी पार्वतीबाई शामिल थे।

इस घटना में इस दंपति का बेटा पंढरीनाथ दुधे घायल हो गया और उसका इलाज किया जा रहा है।

इस बीच, लंबे समय तक सूखे के बाद बृहस्पतिवार को मध्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के सभी आठ ज़िलों में 5.4 मिमी से 41.8 मिमी के बीच औसत बारिश हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, मॉनसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान मराठवाड़ा में औसत अनुमानित बारिश 679.5 मिमी रहती है। इस अर्ध शुष्क क्षेत्र में अब तक अनुमानित बारिश का 423.3 मिमी यानी 62.3 प्रतिशत हिस्सा ही हुआ है, जिससे 37.3 प्रतिशत की कमी बनी हुई है।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश


लेखक के बारे में