कोलकाता, 20 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने शुक्रवार को राज्य की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर पिछले महीने बेलडांगा में हुए दंगों की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा की जा रही जांच का विरोध करने और उसमें बाधा डालने का आरोप लगाया। लेकिन सत्तारूढ़ दल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियां सहयोग मिलने के बावजूद अक्सर ऐसे दावे करती रहती हैं।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को हत्या और बलात्कार सहित अन्य मामलों में जिस तरह के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है, वैसा ही प्रतिरोध एनआईए को भी करना पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यहां तो कोई सरकार ही नहीं है।’’ एक पोस्ट में प्रदेश भाजपा ने दावा किया कि सरकार बेलडांगा हिंसा की एनआईए जांच का विरोध कर रही है और कथित तौर पर मामले से संबंधित दस्तावेजों को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने से इनकार कर दिया है।
विपक्षी दल ने सत्तारूढ़ दल पर ऐसी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया जो आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।
इन आरोपों का जवाब देते हुए टीएमसी प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियां सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराए जाने के बावजूद अक्सर ऐसे आरोप लगाती हैं।
उन्होंने उपहास उड़ाते हुए कहा, ‘‘इन एजेंसियों की सफलता के बारे में सभी लोग जानते हैं।’’ पड़ोसी राज्य झारखंड में एक स्थानीय प्रवासी मजदूर की मौत के बाद मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में 16 जनवरी को हिंसा भड़क गई थी। इस घटना के विरोध में प्रदर्शन और हंगामे के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और रेलवे ट्रैक को अवरुद्ध किये जाने के साथ-साथ तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़प के मामले सामने आए।
गृह मंत्रालय के आदेश पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने राज्य पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली और मामला दर्ज किया।
प्रदर्शनकारियों ने झारखंड में बेलडांगा निवासी प्रवासी मजदूर की कथित मौत के विरोध में 16 जनवरी को लगभग छह घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग 12 को अवरुद्ध कर दिया था।
भाषा संतोष माधव
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