(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 17 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिमी बंगाल की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हुमायूं कबीर के साथ मिलकर मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हिंसा भड़काने की साजिश रची होगी।
उन्होंने इसी के साथ लोगों से शांति और सद्भाव बनाये रखने की अपील की।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी जिला मुख्यालय बहरामपुर में रोड शो निकालने के बाद एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
बनर्जी ने हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कई लोगों ने कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, ‘‘जब मुझे बेलडांगा हिंसा की जानकारी हुई, तब मेरी पार्टी के कई सदस्यों और अन्य लोगों ने मुझे आज रोड शो एवं सभा न करने की सलाह दी। लेकिन हमने सभा की, क्योंकि यह हिंसा भाजपा और एक गद्दार (देशद्रोही) द्वारा भड़काई गई थी। आज सभा न करने से ऐसे तत्वों को बढ़ावा मिलता।”
बनर्जी ने कहा कि ‘गद्दार’ को पहले ही पार्टी से निकाल दिया गया है तथा आगामी दिनों में उसे बेनकाब किया जायेगा।
कबीर का नाम लेते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘लोगों को बांटने वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाना चाहिए। बाबरी मस्जिद के नाम पर राजनीति करने वालों को हार का मुंह देखना पड़ेगा। हुमायूं कबीर का असली चेहरा जल्द ही सामने आएगा।’’
उन्होंने लोगों से उकसावे में न आने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशासन को एक महिला टेलीविजन रिपोर्टर पर हमला समेत आगजनी और हमलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
बनर्जी ने कहा कि उन्होंने झारखंड में मुर्शिदाबाद के एक बांग्ला भाषी प्रवासी मजदूर की अस्वभाविक मौत का मुद्दा वहां के मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष उठाया है। उन्होंने रेखांकित किया कि तृणमूल हमेशा राज्य के बाहर उत्पीड़न का सामना करने वाले प्रवासियों के साथ खड़ी है।
बनर्जी ने कहा कि बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान और स्थानीय विधायक उस प्रवासी मजदूर के परिवार से मिलने जाएंगे, जिसका शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला था, इस घटना के बाद ही बेलडांगा में हिंसा भड़की और विरोध प्रदर्शन होने लगा था।
तृणमूल नेता ने कहा कि राज्य सरकार मृतक के परिवार के लिए पहले ही दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा उसकी पत्नी के लिए सरकारी नौकरी घोषित कर चुकी है।
बहरामपुर के पूर्व कांग्रेस सांसद अधीर चौधरी पर तीखा हमला करते हुए बनर्जी ने उन्हें ‘भाजपा का डमी उम्मीदवार’ बताया और उन पर बांग्ला भाषी प्रवासियों के कथित उत्पीड़न और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने जैसे मुद्दों पर चुप रहने का आरोप लगाया।
भाषा
राजकुमार धीरज
धीरज