भाजपा ने इंडोनेशिया के साथ सबांग पत्तन परियोजना पर सहमति को सराहा, कांग्रेस पर साधा निशाना

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भाजपा ने इंडोनेशिया के साथ सबांग पत्तन परियोजना पर सहमति को सराहा, कांग्रेस पर साधा निशाना

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 03:30 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 03:30 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) केंद्र में सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत और इंडोनेशिया के बीच संयुक्त रूप से सबांग पत्तन को विकसित करने पर बनी सहमति की बुधवार को प्रशंसा की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पूर्वी एशिया के द्विपीय देश की यात्रा को ‘बड़ी राणनीतिक कामयाबी’ करार दिया।

भाजपा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को भौगोलिक रूप से मिले फायदे का इस्तेमाल न कर पाने का भी आरोप लगाया।

भारत और इंडोनेशिया ने मंगलवार को रणनीतिक रूप से अहम सबांग बंदरगाह को मिलकर विकसित करने पर सहमति जताई। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के नजदीक और भारत की ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना से करीब 160 किलोमीटर दूर है।

भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता, ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना के साथ मिलकर, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को काफी मजबूती प्रदान करेगा।

मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी मिली है। भारत और इंडोनेशिया मिलकर आचेह में सबांग बंदरगाह का विकास करेंगे। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के नजदीक है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त और अहम समुद्री रास्तों में से एक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना के साथ मिलकर, यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को काफी मजबूत करेगा और पूरे क्षेत्र में कामकाज के स्तर पर बेहतरीन समन्वय स्थापित करेगा।’’

भाजपा नेता ने कहा कि मलक्का जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग एक-तिहाई व्यापार होता है। उन्होंने कहा कि यह पूर्वी एशिया के लिए समुद्री व्यापार का मुख्य रास्ता है और चीन का ज़्यादातर ऊर्जा आयात और वाणिज्यिक पोत इसी रास्ते से गुजरते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस समुद्री रास्ते पर मजबूत मौजूदगी का अभिप्राय है जबरदस्त भू-राजनीतिक और आर्थिक बढ़त।’’

मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की वजह से भारत को मिली ‘‘शानदार भौगोलिक बढ़त’ के बावजूद, कांग्रेस की सरकारों ने इस रणनीतिक अवसर का लाभ नहीं उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘विश्व-स्तरीय समुद्री बुनियादी ढांचे में निवेश करने, मलक्का जलडमरूमध्य के आसपास भारत की स्थिति को मजबूत करने और भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाने के बजाय, रणनीतिक अनिर्णय और उपेक्षा के कारण कई दशक बर्बाद हो गए।’’

मालवीय ने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत अब अपनी भौगोलिक बढ़त को रणनीतिक ताकत में बदलकर एक अलग राह पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ग्रेट निकोबार परियोजना और अंडमान-निकोबार कमान को मजबूत करने से लेकर ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास)और अब इंडोनेशिया के साथ सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास तक, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के समुद्री नजरिए को निष्क्रिय अवलोकन से बदलकर सक्रिय नेतृत्व में बदल दिया है।’’

मालवीय ने कहा, ‘‘लंबे समय तक भारत की सबसे बड़े रणनीतिक बढ़त का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाया। आज इसे एक निर्णायक भू-राजनीतिक परिसंपत्ति में बदला जा रहा है।’’

भाजपा नेता ने कहा, भूगोल ने भारत को एक बढ़त दी थी। प्रधानमंत्री मोदी इसे रणनीतिक ताकत में बदल रहे हैं।’’

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश