भाजपा ने मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई, पर मैं जनकपुरी मामला उठाता रहूंगा: सौरभ भारद्वाज

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भाजपा ने मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई, पर मैं जनकपुरी मामला उठाता रहूंगा: सौरभ भारद्वाज

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 05:27 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 05:27 PM IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जनकपुरी में तीन साल की बच्ची के कथित यौन उत्पीड़न का मुद्दा उठाते समय एसएस मोटा सिंह स्कूल का नाम लेने के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

भारद्वाज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े लोग एसएस मोटा सिंह स्कूल का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यही कारण है कि अधिकारी स्कूल का नाम उजागर नहीं करना चाहते थे।

भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने बच्ची के परिजन की ओर से जताई गई चिंताओं पर प्रकाश डाला था, जिनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन के कथित राजनीतिक संबंधों के कारण मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया गया, ताकि जिन अभिभावकों के बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं या भविष्य में पढ़ सकते हैं, वे मामले को संभालने के तौर-तरीके को लेकर संस्थान पर लगाए जा रहे आरोपों से वाकिफ हो सकें।

‘आप’ नेता ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने पीड़िता और उसके परिवार का समर्थन करने के बजाय आरोपी का पक्ष लिया।

उन्होंने स्कूल परिसर में मौजूद कई सीसीटीवी कैमरों के काम न करने संबंधी खबरों का भी जिक्र किया और कहा कि इससे मामले में सबूतों की उपलब्धता प्रभावित हुई।

दिल्ली पुलिस ने 24 मई को भारद्वाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-72 (कुछ अपराधों के पीड़ित की पहचान का खुलासा करना आदि) और किशोर न्याय अधिनियम तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।

भारद्वाज ने कहा कि उनके खिलाफ प्राथमिकी इस आरोप में दर्ज की गई है कि उन्होंने पीड़ित की पहचान उजागर की।

‘आप’ नेता ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पीड़िता या उसके माता-पिता का नाम नहीं पता है और उन्होंने मामले पर चर्चा करते समय केवल स्कूल के नाम का जिक्र किया था।

भारद्वाज ने कहा, “समाज, दिल्ली के निवासियों और अभिभावकों के लिए यह जानना जरूरी है कि स्कूल प्रबंधन ने पीड़िता और उसके परिवार के साथ कैसा व्यवहार किया।”

‘आप’ नेता ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी उन्हें चुप कराने और स्कूल का नाम लेने से रोकने के मकसद से दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को उठाते समय स्कूल का जिक्र करते रहेंगे और कानूनी कार्यवाही से परेशान नहीं होंगे।

भारद्वाज के आरोपों पर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भाषा पारुल मनीषा

मनीषा