राजस्थान को सांप्रदायिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश कर रही भाजपा सरकार: अशोक गहलोत

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राजस्थान को सांप्रदायिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश कर रही भाजपा सरकार: अशोक गहलोत

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 07:18 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 07:18 PM IST

जयपुर, 23 जनवरी (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रस्तावित ‘अशांत क्षेत्र कानून’ को लेकर शुक्रवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान को सांप्रदायिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश की जा रही है।

गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ध्रुवीकरण का रास्ता अपना रही है।

राजस्थान मंत्रिमंडल ने ‘अशांत’ घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की सम्पत्तियों एवं किरायेदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक विधेयक के प्रारूप को बुधवार को मंजूरी दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “जिस राजस्थान की पहचान भाईचारे, अपनायत और ‘पधारो म्हारे देस’ की संस्कृति रही है, उसी प्रदेश को भाजपा सरकार अब ‘डिस्टर्ब एरिया एक्ट’ के जरिये ‘अशांत’ घोषित करने पर तुली है। यह राजस्थान के इतिहास का अत्यंत शर्मनाक कदम है।”

उन्होंने कहा, “फर्क साफ है, हमारी कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए देश का पहला शांति और अहिंसा विभाग बनाया ताकि संवाद, सद्भाव और प्रेम से समाज मजबूत हो।”

गहलोत ने सरकार पर विभाग को ठप करने का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पहले उस विभाग को ठप किया और अब यह कानून थोपकर राजस्थान को सांप्रदायिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश कर रही है।”

उन्होंने कहा, “राजस्थान में न तो ऐसे हालात हैं‌ और न यहां नफरत की जमीन है यह कानून आमजन की संपत्ति के मूल्य गिराएगा और सदियों से साथ रह रहे समाज को बांटने का काम करेगा।”

पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, “अपनी प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भाजपा सरकार ध्रुवीकरण का रास्ता अपना रही है। राजस्थान की जनता शांति और सौहार्द चाहती है, ‘डिस्टर्ब’ का ठप्पा नहीं।”

उन्होंने कहा, “इस विभाजनकारी सोच का हम पुरजोर विरोध करेंगे।”

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र