बेंगलुरु, 24 जून (भाषा) भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने बुधवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार की गारंटी योजनाएं ईमानदार करदाताओं की मेहनत की कमाई की ‘‘सुनियोजित लूट’’ के समान हैं और इनका इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी आलाकमान को वित्तीय लाभ देने के लिए किया जा रहा है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता अशोक ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से कर्नाटक में उनके तथाकथित ‘गारंटी मॉडल’ पर बारीकी से गौर करने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्रमुख योजना गरीब महिलाओं को सशक्त बनाने में विफल रही है और इसके बजाय ‘‘संस्थागत भ्रष्टाचार’’ का जरिया बन गई है।
अशोक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सच अब सबके सामने आ चुका है। आपकी मुख्य गारंटी योजना गरीब महिलाओं को सशक्त नहीं बना रही है, बल्कि यह संस्थागत भ्रष्टाचार का एक व्यवस्थित जरिया बन गई है। यह जन-कल्याण नहीं है, यह कांग्रेस पार्टी के आलाकमान को वित्तीय लाभ देने के लिए ईमानदार करदाताओं की मेहनत की कमाई की संगठित लूट है।’’
विपक्ष के नेता ने ‘‘भारी वित्तीय गड़बड़ी’’ का आरोप लगाते हुए कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के विश्लेषण से पता चला है कि 19,020 लाभार्थी साझा बैंक खाता नंबरों से जुड़े थे, जिनके जरिए 3.03 लाख से ज्यादा भुगतान में 60.69 करोड़ रुपये बांटे गए।
भाजपा नेता ने पूछा, ‘‘ये बैंक खाते किसके हैं? जनता का यह पैसा कौन हड़प रहा है?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि 23,262 भुगतान के जरिए 46.52 करोड़ रुपये और बांटे गए, जिनमें डेटाबेस से बैंक खाता नंबर पूरी तरह गायब थे।
इस पर सवाल उठाते हुए अशोक ने पूछा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार क्या छिपा रहे हैं? अगर कोई धोखाधड़ी नहीं है, तो आप पारदर्शी ऑडिट से क्यों डर रहे हैं?’’
भाषा शफीक मनीषा
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