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कोलकाता, 13 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां ‘हिरासत और नुकसान’ को बढ़ावा देती हैं, जबकि उनकी पार्टी ‘सुरक्षा और कल्याण’ के लिए खड़ी है।
नदिया जिले के करीमपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने भाजपा पर मतदाताओं में भय पैदा करने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसी कवायद के माध्यम से उन्हें उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘लोगों को कतारों में खड़ा किया गया और उनके मतदान के अधिकार छीन लिए गए। इसका जवाब वोटों के माध्यम से ही दिया जाना चाहिए।’
बनर्जी ने कहा, ‘मतुआ, नामाशुद्र और अन्य पिछड़े वर्ग के मतदाताओं सहित हाशिए पर रहने वाले समुदायों का बड़ा हिस्सा वैध दस्तावेज होने के बावजूद एसआईआर से काफी प्रभावित हुआ है। भाजपा का मतलब है हिरासत, और तृणमूल कांग्रेस का मतलब है कोई तनाव नहीं।’
उन्होंने दावा किया कि अब कुछ भाजपा समर्थकों को भी ‘उनके अधिकारों से वंचित’ किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे भयभीत न हों और उन्हें आश्वासन दिया कि तृणमूल के सत्ता में लौटने के बाद उनके मतदान के अधिकार बहाल कर दिए जाएंगे।
तृणमूल नेता ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए उन्हें ‘बाहरी’ बताया, जो राज्य की संस्कृति और मूल्यों को समझे बिना चुनाव प्रचार के लिए यहां आते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम क्या खाएंगे, क्या पहनेंगे और कैसे रहेंगे, यह बंगाल के लोग तय करेंगे, बाहरी लोग नहीं।’
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने कहा कि अगर भाजपा अपने शासन वाले किसी भी राज्य में ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कोई योजना लागू करती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह पिछले एक दशक में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज का ‘रिपोर्ट कार्ड’ प्रस्तुत करे और उसकी तुलना तृणमूल सरकार के 15 साल के कार्यकाल से करे।
भाषा आशीष नरेश
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