अवैध पैसा लाने के लिए अर्धसैनिक बलों के ट्रकों का दुरुपयोग करती है भाजपा : गहलोत

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अवैध पैसा लाने के लिए अर्धसैनिक बलों के ट्रकों का दुरुपयोग करती है भाजपा : गहलोत

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  • Publish Date - August 16, 2022 / 01:32 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:48 PM IST

जयपुर, 16 अगस्त (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने दफ्तरों में ‘अवैध धन’ लाने के ल‍िए अर्धसैनिक बलों के ट्रकों का दुरुपयोग करती है।

उन्होंने कहा है कि जहां कहीं भी भाजपा की सरकार होती है, वहां अर्धसैनिक बल या पुलिस के ट्रक पार्टी के मुख्यालय में जमा करने के लिए बक्सों में पैसा भरकर ले आते हैं।

वहीं, भाजपा ने मुख्‍यमंत्री के इस आरोप को बेबुनियादी बताते हुए कहा है कि गहलोत ऐसे बयान देकर देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात अर्धसैन‍िक बलों व पुलिस के जवानों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।

गहलोत ने सोमवार को जयपुर में शहीद स्मारक पर स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा।

उन्‍होंने कहा, “ये (भाजपा वाले) क्या करते हैं, मालूम है आपको? ये अर्धसैनिक बलों या पुलिस वालों को पकड़ते हैं, जहां इनकी सरकारें होती हैं। ट्रक में बक्‍से भरकर पैसा लाते हैं, उसे भाजपा के दफ्तर के पिछले हिस्से में ले जाते हैं और फिर बक्से उतारकर अंदर पहुंचाते हैं। गाड़ी पुलिस की होती है, उसे पकड़े कौन? लोग सोचते हैं इनके रंगरूट आए होंगे मदद करने।

गहलोत ने आगे कहा, “यह बहुत बड़ा षड्यंत्र है देश के साथ। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, सच्चाई आपके साथ है।”

वहीं, भाजपा नेता और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने गहलोत पर पलटवार करते हुए उनके आरोपों को बेबुनियाद बताया।

उन्होंने मंगलवार को कहा, “मुख्यमंत्री गहलोत ने अपनी आदत के अनुसार भाजपा शासित राज्यों में अर्धसैनिक बलों व पुलिस के सहयोग से ट्रकों में दो नंबर का पैसा भरकर भाजपा के दफ्तरों में पहुंचाने का जो बेबुनियाद आरोप लगाया है, उसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं।”

राठौड़ ने कहा, “मुख्यमंत्री ऐसे बचकाने बयान देकर देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात अर्धसैनिक बलों व पुलिस के जवानों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।”

भाजपा नेता ने सवाल किया, “अगर मुख्यमंत्री जी के पास कोई ठोस सबूत है तो वह सार्वजनिक क्यों नहीं करते? इतने दिनों तक चुप क्यों रहे?”

भाषा

पृथ्‍वी मनीषा पारुल

पारुल