भाजपा विधायक वंदे मातरम् के अंतिम दो अंतरों का सही उच्चारण नहीं कर सकते: प्रियंक खरगे

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भाजपा विधायक वंदे मातरम् के अंतिम दो अंतरों का सही उच्चारण नहीं कर सकते: प्रियंक खरगे

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 07:57 PM IST

बेंगलुरु, 21 सितंबर (भाषा) कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में भाजपा सदस्यों द्वारा पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाए जाने के बाद, राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने सोमवार को तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं और सदस्यों को आखिरी दो अंतरों के शब्दों का सही उच्चारण करने में मुश्किल हुई।

उन्होंने दोहराया कि भाजपा नेताओं को राष्ट्रगीत के सभी अंतरे याद नहीं थे।

सोमवार को, राज्य विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही की शुरुआत में, जब दोनों सदनों में आधिकारिक तौर पर बजाई जा रही रिकॉर्डिंग दो अंतरों के बाद खत्म हो गई, तो भाजपा विधायकों ने ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया।

खरगे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा ने) पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाने की कोशिश की। मैंने भी यही कहा था कि उन्हें यह पूरी तरह से नहीं आता। मैंने कुछ दिन पहले कहा था कि उन्हें बिना किसी कागज़, फ़ोन या टेलीप्रॉम्प्टर को देखे आखिरी दो अंतरे गाने चाहिए। वे दावा करते हैं कि उन्हें यह गीत पूरी तरह याद है, लेकिन आज आपने देखा कि वे उन शब्दों का सही उच्चारण भी नहीं कर पा रहे थे।’’

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के शेष अंतरों का उच्चारण करना मुश्किल है क्योंकि उनमें बांग्ला शब्द हैं।

खरगे ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र के हम सभी लोगों के लिए, यहाँ तक कि आप लोगों (मीडिया) के लिए भी, यह मुश्किल होगा। बचपन से हमने जो दो अंतरे सीखे हैं, बस उतना ही हमें ठीक से पता है। बाकी का अधिकांश हिस्सा बांग्ला में है। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा शुरुआती दो अंतरे लिखने के पाँच-छह साल बाद बाकी हिस्सा जोड़ा गया था; यह हिस्सा तब जोड़ा गया जब उन्होंने ‘आनंदमठ’ उपन्यास लिखा था।’’

यह उल्लेख करते हुए कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों ने शुरुआती दो अंतरों से प्रेरणा ली और नारे लगाए, मंत्री ने पूछा, ‘‘तब भाजपा कहाँ थी?’’

पिछले हफ़्ते, खरगे ने नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र समेत भाजपा नेताओं को चुनौती दी थी कि वे किसी सार्वजनिक सभा में बिना कागज़, मोबाइल फ़ोन या टेलीप्रॉम्प्टर की मदद लिए पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाकर दिखाएं। उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा नेता ऐसा कर पाए, तो वह इस्तीफ़ा दे देंगे।

उन्होंने कांग्रेस सरकार के उस आदेश की आलोचना करने पर भाजपा को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को छोड़कर, बाकी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएं।

खरगे ने सवाल उठाया कि पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाने के नियमों की बात अभी क्यों की जा रही है, जबकि पहले जब राज्य या केंद्र में भाजपा सत्ता में थी, तब ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल साफ़ है कि यह राजनीतिक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप (भाजपा) 13 साल से केंद्र में सत्ता में हैं, लेकिन आप इसे अब लेकर आए हैं। आपकी मंशा बिल्कुल साफ़ है।’’

भाषा

नेत्रपाल अविनाश

अविनाश