BJP New President News/Image Source: BJP X
BJP New President News: लंबे समय के इंतज़ार के बाद बीजेपी को आखिरकार नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है। पार्टी ने इसके लिए नोटिफ़िकेशन जारी कर दिया है। नोटिफ़िकेशन के मुताबिक 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा जाएगा, जबकि 20 जनवरी को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
गौरतलब है कि मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बीजेपी ने 14 दिसंबर को नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया था। यह फैसला राजनीतिक गलियारों में चौंकाने वाला माना गया और तभी से कयास लगाए जा रहे हैं कि नितिन नबीन को ही निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा सकता है।
इतिहास के पन्ने पलटते हैं। दरअसल, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की नियुक्ति भी कुछ इसी तरह हुई थी। मई 2019 में आम चुनाव समाप्त होने के बाद जून में जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व की ज़िम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद 20 जनवरी 2020 को उन्हें निर्विरोध निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया था।
BJP New President News: तो सवाल यही है कि क्या नितिन नबीन ने मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा की जगह ले ली है? और क्या वही बीजेपी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे? इन सवालों के जवाब अब ज्यादा दूर नहीं हैं। 19 जनवरी को नामांकन के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस तंज कस रही है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी में चुनाव कहां होते हैं, यह तो सिर्फ एक औपचारिकता भर है।
सियासी बयानबाज़ी से इतर, राजनीतिक गलियारों में नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे बीजेपी की रणनीति पर भी चर्चा तेज़ है। सवाल यह है कि बीजेपी ने नितिन नबीन को ही क्यों चुना और पार्टी इस फैसले के ज़रिए क्या संदेश देना चाहती है? नितिन नबीन सिर्फ 45 साल के हैं और अब तक के कई अध्यक्षों की तुलना में काफी युवा हैं। उन्हें कमान सौंपकर बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी अब नई पीढ़ी के नेताओं को आगे लाना चाहती है, जो संगठन और मैनेजमेंट में दक्ष हैं।
BJP New President News: नितिन नबीन पांच बार के विधायक रह चुके हैं और बिहार में तीन बार मंत्री भी रहे हैं। कार्यकर्ता, संगठनकर्ता और रणनीतिकार तीनों भूमिकाओं में उनका लंबा अनुभव रहा है। नितिन नबीन कायस्थ समुदाय से आते हैं, जिसकी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में अच्छी पकड़ मानी जाती है। यानी बीजेपी जातिगत संतुलन का संदेश भी देना चाहती है, खासकर उन राज्यों में जहां पार्टी अभी अपने आधार का विस्तार कर रही है। कुल मिलाकर, बीजेपी की रणनीति साफ है अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा नेतृत्व को आगे लाना और 2029 तक पार्टी को और मज़बूत करना। नितिन नबीन इस रणनीति में पूरी तरह फिट बैठते नज़र आ रहे हैं।