(Stock Market Holiday/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Holiday Today कल सोमवार 2 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर बाजार पर स्पष्ट दिखाई दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,048 अंक यानी 1.29 प्रतिशत टूटकर 80,238.85 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के आखिरी घंटे में थोड़ी रिकवरी जरूर आई, लेकिन बाजार एक फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया।
गिरावट के अगले ही दिन निवेशकों को थोड़ी राहत मिली क्योंकि मंगलवार, 3 मार्च को होली के कारण शेयर बाजार बंद है। भले ही लोगों में होली की तारीख को लेकर भ्रम रहा हो कि होली का त्योहार 3 मार्च को है या 4 मार्च को है, लेकिन बाजार की छुट्टी को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दिन न तो इक्विटी सेगमेंट में ट्रेडिंग होगी और न ही डेरिवेटिव में कोई सौदा हो सकेगा।
हालांकि कमोडिटी निवेशकों के लिए स्थिति थोड़ी अलग है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) दिन के पहले सत्र में बंद रहेगा, लेकिन शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक ट्रेडिंग जारी रहेगी। यानी सोना-चांदी या अन्य कमोडिटी में निवेश करने वाले शाम के सत्र में सौदे कर सकेंगे। वहीं नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पूरे दिन बंद रहेगा। इसलिए निवेशकों को अपने सौदों की योजना इसी हिसाब से बनानी होगी।
मार्च का महीना छुट्टियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। 3 मार्च के अलावा 26 मार्च को श्री राम नवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर भी शेयर बाजार बंद रहेगा। यानी मार्च में कुल तीन ट्रेडिंग हॉलिडे होंगे। इसके अलावा नियमित शनिवार और रविवार की छुट्टियां अलग से रहेंगी। निवेशकों को इन तारीखों को ध्यान में रखकर अपनी निवेश रणनीति बनानी होगी ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।
साल 2026 में कुल 16 ट्रेडिंग हॉलिडे तय किए गए हैं। जनवरी में दो छुट्टियां पहले ही हो चुकी हैं। अप्रैल और मई में दो-दो दिन बाजार बंद रहेगा, जबकि जून में एक छुट्टी होगी। जुलाई और अगस्त में कोई ट्रेडिंग हॉलिडे नहीं है। सितंबर और दिसंबर में एक-एक छुट्टी रहेगी। अक्टूबर और नवंबर में भी कुछ दिन बाजार बंद रहेगा। मौजूदा समय में वैश्विक हालात का असर बाजार पर देखने को मिल रहा है, खासकर मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।