Opposition Leader Switched to BJP
नई दिल्ली : Opposition Leader Switched to BJP भारतीय राजनीति में दल-बदल कोई नई बात नहीं है, लेकिन भाजपा ने इसे एक ‘सफल चुनावी फॉर्मूले’ में तब्दील कर दिया है। पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल में एक नया इतिहास रचा गया है। शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर न केवल सत्ता का समीकरण बदला, बल्कि भाजपा के सफल पैटर्न’ पर मुहर लगा दी है जहाँ दूसरी पार्टियों से आए कद्दावर नेताओं को पार्टी ने सीधे नेतृत्व की कमान सौंपी।
शुभेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक थे। कांग्रेस से राजनीति शुरू करने वाले शुभेंदु 1998 में टीएमसी में आए और 2011 में वाममोर्चा को उखाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। साल 2020 में अमित शाह की मौजूदगी में वे भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने 2021 में नंदीग्राम और अब 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर खुद को बंगाल की राजनीति का ‘जायंट किलर’ साबित किया। आज वह बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाल रहे हैं।
इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम असम के पूर्व सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का है। साल 2015 तक कांग्रेस के कद्दावर मंत्री रहे हिमंता ने भाजपा जॉइन की और देखते ही देखते पूरे पूर्वोत्तर में पार्टी का चेहरा बन गए। भाजपा ने उनकी क्षमता को पहचाना और 2021 में उन्हें असम की जिम्मेदारी सौंप दी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सफर भी आरजेडी और जेडीयू से शुरू हुआ था। 2018 में भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें ओबीसी और कुशवाहा राजनीति का बड़ा चेहरा बनाया। प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम के बाद अब वे बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हैं।
अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और मणिपुर के पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह भी कभी कांग्रेस के बड़े नेता थे। भाजपा ने इन राज्यों में कांग्रेस की बगावत के बाद इन चेहरों का स्वागत किया और उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान की।