भाजपा ‘‘नारी को नारा बनाने’’ की कोशिश कर रही: अखिलेश ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा

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भाजपा ‘‘नारी को नारा बनाने’’ की कोशिश कर रही: अखिलेश ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 04:20 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 04:20 PM IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने ‘‘नारी को नारा बनाने’’ की कोशिश कर रही है।

सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन ‘‘भाजपाई चालबाजी’’ के खिलाफ है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा इस (महिला) आरक्षण को लेकर नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही। लेकिन जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा, उनका मान-सम्मान कैसे रखेंगे। जिस मूल संगठन से आप निकले हैं, उसमें मान-सम्मान के लिए कितनी नारी हैं?’’

सपा सांसद ने कहा, ‘‘हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है? सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालनी चाहती है, वह जाति जनगणना को टालना चाहती है और ऐसा कर वह आरक्षण को टालना चाहती है।’’

उन्होंने सरकार पर आधी आबादी में मुस्लिम महिलाओं को नहीं गिनने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए।’’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा का असली लक्ष्य वोट हासिल करना और सत्ता में बने रहना है, इसलिए ये विधेयक लाये गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही राजनीतिक चाल है कि जब पुराने लोग समझ जाते हैं तो वे नये लोगों को लक्षित करते हैं, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश कन्नौज से सपा सांसद ने सत्तारूढ़ दल पर यह भी आरोप लगाया, ‘‘भाजपा की कमीशन खोरी और चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है उससे उनकी (महिलाओं की) रसोई सूनी हो गई है। रही-सही कसर सिलेंडर की कमी और बेतहाशा बढ़ती कीमतों ने पूरी कर दी है।’’

उन्होंने एनसीआर और अन्य स्थानों पर वेतन वृद्धि को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं सहित कामगारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि यह विधेयक इतना ही सही है तो इसे मेरठ और नोएडा के कामगारों के बीच बैठकर घोषित किया जाए कि उनके लिए इसमें क्या-क्या किया जा रहा है।

सपा प्रमुख ने कहा कि परिसीमन के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ कर यदि 600 हो रही है, तो कहीं उसमें कोई षडयंत्र तो नहीं है और यदि ऐसा है तो जैसे (भाजपा) अयोध्या में हारी, एक बार फिर उप्र में हारेगी।

उन्होंने महिलाओं के लिए लोकसभा या विधानसभा सीट सुरक्षित नहीं रखने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा कर वह (भाजपा) महिलाओं के बीच ही प्रतिस्पर्धा करा देगी।

उन्होंने पार्टी आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की मांग की और भाजपा की एक पूर्व सांसद पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा, ‘‘सास-बहू वाली तो हार गई हैं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।’’

सपा सांसद ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चक्रीय आधार पर महिला आरक्षण के खिलाफ है क्योंकि ऐसा होने पर कोई भी अपने क्षेत्र में जनता से ज्यादा भावनात्मक लगाव नहीं रखेगा।

भाषा सुभाष हक

हक