भाजपा 131वें संविधान संशोधन विधेयक के समर्थन के लिए राकांपा (शप), द्रमुक को साधने में जुटी: चिदंबरम

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भाजपा 131वें संविधान संशोधन विधेयक के समर्थन के लिए राकांपा (शप), द्रमुक को साधने में जुटी: चिदंबरम

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 12:47 AM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 12:47 AM IST

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस नेता ने इन दोनों क्षेत्रीय दलों से इस विधेयक का समर्थन न करने की पुरजोर अपील की है।

चिदंबरम ने यह भी कहा कि पिछले सत्र में पारित नहीं हो सके विधेयक के नए स्वरूप को किसी भी तरह का समर्थन देना राकांपा (शप) और द्रमुक की अपनी उस अंतरात्मा के साथ ‘‘विश्वासघात’’ होगा, जिसने उन्हें पिछली बार विधेयक का समर्थन नहीं करने की प्रेरणा दी थी।

चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा 131वें संविधान संशोधन विधेयक को वापस लाने की योजना बना रही है, जो अप्रैल 2026 में संसद के पिछले सत्र में पारित नहीं हो सका था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस विफल विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीट सुरक्षित करना बताया गया था, लेकिन इसका असली मकसद निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से परिसीमन और संभवतः सीमाओं में हेरफेर का रास्ता साफ करना था।’’

उन्होंने याद दिलाया कि भारत के संविधान में पहले ही 106वें संशोधन अधिनियम के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने का प्रावधान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि इसलिए, महिलाओं को आरक्षण देने के लिए किसी नए विधेयक को लाने की कोई आवश्यकता पहले भी नहीं थी और अब भी नहीं है।

चिदंबरम ने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस को तोड़ने के बाद, खबरें हैं कि भारतीय जनता पार्टी अब इस विधेयक के नए रूप को पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने के मकसद से राकांपा (शप) और द्रमुक को रिझाने में जुटी है।’’

भाषा खारी वैभव

वैभव