कोलकाता, 14 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पूर्ववर्ती (तृणमूल सरकार के) शासनकाल में हुई अनियमितताओं के मामले में अगर एक या अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की गिरफ्तारी होती है, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
चट्टोपाध्याय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल के दौरान बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और दशकों के राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद, राज्य सरकार की तात्कालिक प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को ‘भ्रष्टाचार मुक्त और राजनीति मुक्त’ बनाना है।
समाचार चैनल ‘एबीपी आनंदा’ को दिए एक साक्षात्कार में चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘आप पहले ही एक पूर्व शिक्षा मंत्री को जेल जाते देख चुके हैं। आपने अभी तक विश्वविद्यालय के कुलपतियों को जेल में नहीं देखा है। अगर भविष्य में आप प्रेसीडेंसी, दमदम या अलीपुर की जेलों में एक या दो कुलपतियों को देखें, तो हैरान होने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए।’
हालांकि, मंत्री ने किसी विश्वविद्यालय या कुलपति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा केवल राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों तक ही सीमित नहीं रखने वाली है।
यह टिप्पणी पिछले कुछ वर्षों में बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर छाए भर्ती और शिक्षा से जुड़े भ्रष्टाचार के कई मामलों की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें स्कूल नौकरी घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी और विश्वविद्यालयों के कामकाज में कथित अनियमितताओं की जांच शामिल है।
भाषा सुमित वैभव
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