जयपुर, 20 जून (भाषा) देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में उनके योगदान की सराहना की है।
उन्होंने शनिवार को यहां आयोजित ‘बीएलओ संवाद’ कार्यक्रम में राजस्थान के लगभग 700 बीएलओ और पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी बीएलओ उनके परिवार का हिस्सा हैं और लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने राजस्थान के बीएलओ की सराहना करते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में भाग लेने वाले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राजस्थान ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
सीईसी ने कहा, ‘‘भारत में सभी चुनाव संविधान और कानून के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाते हैं।’’
उन्होंने कहा कि भारत इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव सहायता संस्थान (आईडीईए) की अध्यक्षता कर रहा है। यह संगठन दुनिया के सभी देशों में स्थायी, सशक्त और समावेशी लोकतंत्र को बढ़ावा देने वाली संस्था है।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल के वर्षों में चुनावों में मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि देश के नागरिकों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं निर्वाचन आयोग पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा बीएलओ को अतिरिक्त मानदेय दिए जाने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि निर्वाचन आयोग की सफलता जमीनी स्तर के अधिकारियों पर निर्भर करती है।
सीईसी ने कहा, ‘‘सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग एक संस्थागत ढांचे के रूप में कार्य करता है, लेकिन चुनाव के दौरान यह लगभग 1.8 करोड़ अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी के साथ दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी संगठन बन जाता है। इस विशाल व्यवस्था में बीएलओ सबसे महत्वपूर्ण जमीनी स्तर के कार्यकर्ता हैं।’’
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश की चुनावी प्रणाली को मजबूत बनाने और चुनाव प्रबंधन में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान बीएलओ और पर्यवेक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव दिए।
उन्होंने बीएलओे से मतदाता सूचियों की सटीकता, पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
सीईसी ने कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह संवाद बीएलओ और पर्यवेक्षकों से सीधे जुड़ने तथा उनके अनुभवों, सुझावों व जमीनी चुनौतियों को समझने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के उपायों पर केंद्रित रहा।’’
राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि बीएलओ के प्रयासों से राज्य ने एसआईआर प्रक्रिया को निर्धारित समय से सात दिन पहले पूरा कर लिया।
यह कार्यक्रम जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित किया गया, जिसमें निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत