रांची, 23 जून (भाषा) झारखंड सरकार ने मंगलवार को उच्च न्यायालय में उस डीएनए परीक्षण की सीलबंद रिपोर्ट प्रस्तुत की, जो एक कंकाल की पहचान के लिए कराया गया था। आशंका है कि यह कंकाल उस युवती का है, जो बोकारो से लगभग एक वर्ष से लापता है।
पुलिस ने 12 अप्रैल को बाल समेत कंकाल बरामद किया था और आशंका है कि ये अवशेष उस 18 साल की युवती की है जो जुलाई 2025 से लापता थी।
गायब युवती की मां, रेखा देवी ने इस बात से इनकार किया था कि कंकाल उनकी बेटी का है। इसके बाद, अप्रैल में उच्च न्यायालय ने कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) को आदेश दिया कि वह कंकाल के नमूने और रेखा देवी व उनके पति के नमूने के डीएनए का मिलान कर रिपोर्ट सौंपे।
सरकारी वकील ने मंगलवार को उच्च न्यायालय में रिपोर्ट सौंपी। अदालत अब इस मामले की सुनवाई 25 जून को करेगी।
युवती की मां ने पिछले साल 24 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया है। स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए चास कॉलेज जाने के बाद से वह दिखाई नहीं दी थी।
कुछ महीने पहले, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और दावा किया कि उसने युवती की हत्या की थी क्योंकि प्रेम प्रसंग के बाद वह उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। आरोपी जांचकर्ताओं को अपराध वाली जगह पर ले गया, जिसके बाद हड्डियों के 19 टुकड़े, बाल, कपड़े और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद हुए।
एक और मामले में, राज्य सरकार ने बिरसा मुंडा जेल की एक महिला कैदी की चिकित्सा जांच की सीलबंद रिपोर्ट सौंपी। आरोप है कि जेल के अधीक्षक ने उसका यौन शोषण किया था।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर इस मामले की न्यायिक जांच भी की गई है। अदालत इस मामले की सुनवाई नौ जुलाई को करेगी।
भाषा धीरज पवनेश
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