नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम सुरक्षित, ग्राहक अनुकूल और आर्थिक रूप से फायदेमंद है।
सरकार ने ई20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों की बीमा पॉलिसी की वैधता प्रभावित होने संबंधी चिंताओं को खारिज कर दिया।
तेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल से बीमा अमान्य होने के दावों को लेकर संबंधित हितधारकों के साथ बातचीत करके स्थिति स्पष्ट कर ली गई है और ये दावे गलत पाए गए हैं।
बयान में कहा गया है, “इथेनॉल मिश्रण वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य प्रक्रिया है, जो अमेरिका, ब्राजील और जापान समेत कई देशों में सफलतापूर्वक अपनाई गई है।”
इसमें कहा गया है कि ब्राजील ने लंबे समय से अधिक मात्रा में इथेनॉल मिलाने का तरीका अपनाया है और ई27 वहां का मानक पेट्रोल मिश्रण है।
बयान के मुताबिक, इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से कच्चे तेल के आयात में कमी आई है, जिससे भारत को विदेशी मुद्रा के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत करने में मदद मिली है।
बयान में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कृषि उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए आय का स्रोत तैयार हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
इसमें कहा गया है, “इथेनॉल मिश्रण भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और देश को साफ-सुथरे परिवहन की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाता है।”
बयान में कहा गया है कि सरकार वैज्ञानिक साक्ष्यों और सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत के आधार पर इस कार्यक्रम को “सुरक्षित, पारदर्शी व उपभोक्ता-केंद्रित तरीके से” लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाषा पारुल जोहेब
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