बृजभूषण सिंह का बरी होना ‘बेहद चिंताजनक’ है: रेबेका जॉन
बृजभूषण सिंह का बरी होना 'बेहद चिंताजनक' है: रेबेका जॉन
नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली छह महिला पहलवानों में से चार का प्रतिनिधित्व कर रहीं वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका एम. जॉन ने उनके बरी किये जाने को ‘‘बेहद चिंताजनक’’ बताया।
दिल्ली की एक अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए सोमवार को सिंह को विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट समेत छह महिला पहलवानों द्वारा दायर किये गए यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया।
जॉन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरी दलील यह थी कि शिकायतकर्ता चारों गवाहों ने अदालत के समक्ष बेहद प्रभावशाली गवाही दी थी। अन्य गवाहों ने इन गवाहियों की पुष्टि की थी और इसलिए यह बरी किए जाने का फैसला बेहद चिंताजनक है।’’
उन्होंने सिंह के वकील राजीव मोहन के इस दावे पर हैरानी जताई कि अदालत ने बचाव पक्ष की उन दलीलों को स्वीकार कर लिया, जिनमें बयानों की ‘‘असंगतियों, विरोधाभासों और आरोपी के घटनास्थल पर मौजूद न होने जैसे आधारों का उल्लेख किया गया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंच सकते हैं कि अदालत ने शिकायतकर्ता पीड़ितों के बयानों के विरोधाभासों के आधार पर बृजभूषण सिंह को बरी कर दिया है, जबकि आज शाम साढ़े चार बजे तक तो आदेश उपलब्ध ही नहीं है, और हम सभी आदेश का इंतजार कर रहे हैं।’’
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, ‘‘दूसरी बात, इस मामले में विस्तार से दलीलें रखी गई थीं, जिनमें मैंने बचाव पक्ष की दलीलों का खंडन किया था और यह बताया था कि बयानों में कथित असंगतियों और विरोधाभास मामूली प्रकृति के थे तथा उनसे गवाहों की विश्वसनीयता पर कोई असर नहीं पड़ता।’’
अदालत के सूत्रों ने कहा कि विस्तृत आदेश मंगलवार को उपलब्ध होगा।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश

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