संसद में नहीं आकर मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं प्रधानमंत्री: खरगे

संसद में नहीं आकर मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं प्रधानमंत्री: खरगे

संसद में नहीं आकर मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं प्रधानमंत्री: खरगे
Modified Date: August 3, 2026 / 07:54 pm IST
Published Date: August 3, 2026 7:54 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर संसद की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेकर संसद तथा मतदाताओं का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष का विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रधानमंत्री नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में बयान नहीं दे देते।

खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘या तो वह (मोदी) सदन और सांसदों का सामना करने से डरते हैं या फिर उन्हें संसद का कोई सम्मान नहीं है। इन दोनों में से एक बात तो जरूर है।’’

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल संसद का ही नहीं, बल्कि उन लोगों का भी अपमान कर रहे हैं जिन्होंने सांसदों को चुनकर संसद में भेजा है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी को युवाओं पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलवाने के लिए माफी मांगनी चाहिए… लेकिन संसद में आने के बजाय वह बच्चों को डरा-धमका रहे हैं।’’

खरगे ने दावा किया, ‘‘वे सदन में नहीं आते, सवालों का जवाब नहीं देते। न राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर कुछ बोलते हैं और न ही छात्रों के दमन पर। मासूम बच्चे देशद्रोही नहीं हैं, उन्हें यह संज्ञा मत दीजिए। असली देशद्रोही भाजपा के लोग हैं, जो लोकतंत्र को कुचल रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री आधी रात को उठकर इंस्टाग्राम पर अपनी बात रख सकते हैं तो उन्हें वही बात संसद में भी कहनी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह संसद, सांसदों को चुनने वाले लोगों और लोकतंत्र का अपमान है। लोकतंत्र में बहस होती है और सरकार उसका जवाब देती है, लेकिन प्रधानमंत्री सदन में ही नहीं आ रहे हैं।’’

खरगे ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री बच्चों को माफ करने की बात कर रहे हैं, जबकि उन्हें स्वयं छात्रों से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उनकी सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया और पैलेट गन का इस्तेमाल किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

खरगे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का संसद में नहीं आना और अपनी बात नहीं रखना संसद का अपमान है। जिन लोगों ने सभी सांसदों को चुनकर भेजा है, वे उनकी बात सुनना चाहते हैं और इसी वजह से विपक्ष के सदस्य दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में बैठकर सदस्यों की बात सुननी चाहिए।

खरगे ने कहा कि विपक्ष अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी उठाएगा क्योंकि ‘‘यह जनता का पैसा है, जिसका गबन किया गया है।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले जन लोकपाल आंदोलन को वित्तीय सहायता देकर कांग्रेस नीत संप्रग सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की थी।

उन्होंने दावा किया कि लोकतंत्र को कुचलने वाले भाजपा के लोग ही राष्ट्रविरोधी हैं।

कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘गृह मंत्री संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं?’’ उन्होंने कहा कि पिछले सत्रों में गृह मंत्री काफी सक्रिय रहते थे, लेकिन इस सत्र में सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘छात्रों के खिलाफ अत्याचार और हमले अब भी जारी हैं। हमें और पूरे देश को गृह मंत्री से जवाब चाहिए।’’

भाषा हक हक नरेश

नरेश


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