कैग ने बेंगलुरु मेट्रो के पहले और दूसरे चरण की योजना, भूमि अधिग्रहण संबंधी खामिया उजागर की

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कैग ने बेंगलुरु मेट्रो के पहले और दूसरे चरण की योजना, भूमि अधिग्रहण संबंधी खामिया उजागर की

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 09:51 AM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 09:51 AM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना में योजना, भूमि अधिग्रहण, परियोजना क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और परिचालन से जुड़ी खामियों को उजागर किया है। इसमें यात्रियों की संख्या का अधिक अनुमान लगाने और भूमि अधिग्रहण पर काफी अधिक खर्च होने का भी उल्लेख किया गया है।

बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) द्वारा परियोजना के पहले और दूसरे चरण के क्रियान्वयन पर वर्ष 2026 की प्रदर्शन ऑडिट रिपोर्ट नंबर-7 सोमवार को संसद में पेश की गई।

बीएमआरसीएल केंद्र सरकार और कर्नाटक सरकार का 50 अनुपात 50 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम है।

बेंगलुरु मेट्रो के चरण-1 का वाणिज्यिक परिचालन अक्टूबर 2011 से चरणबद्ध तरीके से शुरू हुआ था और जून 2017 तक यह 42.30 किलोमीटर के पूरे नेटवर्क पर चालू हो गया।

चरण-2 का संचालन जनवरी 2021 से मार्च 2023 के बीच 27.36 किलोमीटर हिस्से पर आंशिक रूप से शुरू हुआ, जबकि शेष हिस्से को दिसंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है।

ऑडिट में चरण-1 और चरण-2 की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और परिचालन की समीक्षा की गई। इसमें चरण-2ए और चरण-2बी को शामिल नहीं किया गया क्योंकि इनकी शुरुआत बाद में हुई थी। यह समीक्षा परियोजना की शुरुआत से मार्च 2021 तक की अवधि पर आधारित है, जबकि दिये गए ठेके की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा मार्च 2023 तक की गई।

कैग की रिपोर्ट में कहा गया कि चरण-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) व्यापक परिवहन योजना, ट्रांजिट आधारित विकास और भूमि उपयोग नीति के बिना तैयार की गई थी।

भूमि प्रबंधन के मामले में कैग ने कहा कि चरण-1 के लिए बीएमआरसीएल ने अनुमानित 45.24 हेक्टेयर के मुकाबले 62.67 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया। वहीं, चरण-2 के लिए अनुमानित 165.09 हेक्टेयर के मुकाबले 145.16 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की गई।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बीएमआरसीएल ने कृषि भूमि के लिए या तो गैर-कृषि भूमि की दरों को अपनाया या कृषि भूमि में ऐसी खूबियां जोड़ दीं जो परिवर्तित भूमि पर लागू होते थे। इसके परिणामस्वरूप भूमि स्वामियों को मुआवजे के रूप में 294.72 करोड़ रुपये का अधिक भुगतान किया गया।

कैग ने कम यात्री संख्या के लिए बीएमटीसी के साथ समन्वय में कमी , ‘अंतिम छोर तक संपर्क का अभाव और पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं के अभाव जैसे कारणों को जिम्मेदार ठहराया।

भाषा सुरभि धीरज

धीरज

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