नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को किए गए उच्च स्तरीय प्रशासनिक फेरबदल के तहत वरिष्ठ नौकरशाह दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।
वह विनीत जोशी का स्थान लेंगी, जिन्हें पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया था।
उल्लेखनीय है कि जोशी के स्थान पर पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव के रूप में नामित किया गया था।
कार्मिक मंत्रालय ने सोमवार देर रात घोषणा की कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने अपने 23 जुलाई के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी मुखर्जी वर्तमान में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा सोमवार देर रात जारी एक आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने उच्च शिक्षा विभाग की सचिव के रूप में मुखर्जी की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
यह नियुक्ति राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्न पत्र लीक विवाद के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आदेश में कहा गया है कि युवा मामलों के विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल कॉर्पोरेट मामलों की नयी सचिव होंगी।
इसके अलावा, मंत्रिमंडल सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) सुशील कुमार लोहानी को भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव वी एल कांता राव को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया गया है।
वह अगले महीने के अंत में वर्तमान सचिव अंशुली आर्य की सेवानिवृत्ति के बाद राजभाषा विभाग के सचिव का पदभार संभालेंगे।
राव के स्थान पर वरिष्ठ नौकरशाह अर्चना वर्मा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की नयी सचिव होंगी।
भाषा
सुमित गोला
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