नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय जनता दल के सांसद ए डी सिंह ने केंद्रीय सरकार द्वारा उपकर संग्रह का निर्धारित निधियों में हस्तांतरण करने में हुई बड़ी कमी का जिक्र किया और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह गलती पांच दशकों से चली आ रही है।
शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए सिंह ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के अनुसार सरकार ने 3.69 लाख करोड़ रुपये तक के उपकर संग्रह को उनके निर्धारित कोषों में स्थानांतरित नहीं किया, और यह सिलसिला 1974 से चल रहा था।
उन्होंने कुछ विशिष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किए।
सांसद ने सरकारी खातों में विसंगति की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। वित्त मंत्रालय का दावा था कि 2018-19 से 2023-24 के बीच 3.66 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए, लेकिन सरकारी खातों में केवल 2.65 लाख करोड़ रुपये दिखाए गए।
सिंह ने कहा, ‘‘लगातार चूक के कारण उपकर कोष का उपयोग उनके निर्धारित विकास उद्देश्यों के लिए सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। पारदर्शिता के साथ ही नागरिकों को यह आश्वासन मिलना चाहिए कि उनका योगदान कल्याण और विकास कार्यों में सही तरीके से लगाया जा रहा है।’’
सांसद ने सवाल किया कि ये उपकर संग्रह उनके निर्धारित निधियों में क्यों हस्तांतरित नहीं किए गए और ऐसी चूक को रोकने के लिए तत्काल क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश