Rahul Gandhi on CAPF Bill: राहुल गांधी को आई IED ब्लास्ट ने पैर गंवाने वाले पुलिस अफसर की याद.. सरकार के कानून को बताया ‘संस्थागत अन्याय’..

Rahul Gandhi on CAPF Bill: राहुल गांधी ने CAPF बिल को मनोबल तोड़ने वाला बताया, कांग्रेस ने सरकार आते ही भेदभावपूर्ण कानून खत्म करने का वादा किया।

Rahul Gandhi on CAPF Bill: राहुल गांधी को आई IED ब्लास्ट ने पैर गंवाने वाले पुलिस अफसर की याद.. सरकार के कानून को बताया ‘संस्थागत अन्याय’..

Rahul Gandhi on CAPF Bill || Image- INC India File

Modified Date: April 2, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: April 2, 2026 3:35 pm IST
HIGHLIGHTS
  • राहुल गांधी ने CAPF बिल का विरोध किया
  • जवानों का मनोबल बढ़ाने पर जोर
  • कांग्रेस सरकार आने पर कानून खत्म करने का वादा

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) विधेयक को केंद्रीय बलों का मनोबल तोड़ने का प्रयास करार दिया और कहा कि केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार आने पर इस प्रस्तावित कानून को समाप्त किया जाएगा। (Rahul Gandhi on CAPF Bill) उन्होंने एक वीडियो जारी कर यह दावा भी किया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को उस दिन लोकसभा में चर्चा और पारित कराने के लिए लाया गया है, जिस दिन वह असम के चुनावी दौरे पर हैं।

‘बेहतर प्रबंधन होगा और बढ़ेगी कार्यकुशलता’ : सरकार

राहुल का कहना है कि उन्होंने बुधवार को सरकार से आग्रह किया था कि वह इस विधेयक पर सदन में बोलना चाहते हैं, ऐसे में इसे पारित करवाने की तिथि थोड़ा आगे-पीछे कर दी जाए, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि वह इस विषय पर बोलें। लोकसभा में बृहस्पतिवार को इस विधेयक पर चर्चा होगी। राज्यसभा ने बुधवार को विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून बनने के बाद इन बलों का बेहतर प्रबंधन होगा और कार्यकुशलता बढ़ेगी।

जवानों की स्थिति पर राहुल की चिंता

राहुल गांधी ने पिछले दिनों सीआरपीएफ के एक घायल जवान से मुलाकात का उल्लेख करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान आईईडी विस्फोट में अपना एक पैर खो दिया, देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया और इस बलिदान के बदले मिला क्या?’’ (Rahul Gandhi on CAPF Bill) उन्होंने कहा, ‘‘15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद, पदोन्नति नहीं, अपनी ही बल का नेतृत्व करने का अधिकार नहीं, क्योंकि सभी शीर्ष पद आईपीएस अफसरों के लिए आरक्षित हैं। यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं, यह लाखों सीएपीएफ जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।’’

‘समाप्त होगा भेदभावपूर्ण कानून’ :राहुल

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुंह फेर लेती है।’’ उन्होंने दावा किया कि खुद सीएपीएफ के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं, उच्चतम न्यायालय तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘यह विधेयक केवल एक करियर को अवरुद्ध करने का प्रयास नहीं, यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सीएपीएफ के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है कि हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा, क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।’’

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