नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026 को सशस्त्र बलों के अधिकारियों और जवानों का मनोबल तोड़ने वाला बताते हुए इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने की मांग की।
लोकसभा में सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए सपा के धर्मेंद्र यादव ने दावा किया कि इस विधेयक को लाने से पहले सरकार ने विभिन्न सशस्त्र बलों के अधिकारियों से बात नहीं की और सरकार को उनसे बात करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि सरकार सारे बलों में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों को लाकर बैठाना चाहती है और इस तरह विपरीत परिस्थितियों में काम करने का अनुभव रखने वाले बलों के अधिकारियों का मनोबल तोड़ा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि यह विधेयक इसलिए लाया गया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में काडर का बेहतर प्रबंधन कर इसकी कार्यकुशलता को बढ़ाया जा सके।
यादव ने कहा कि सशस्त्र बलों के अधिकारियों को सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन उन्हें अदालतों में मुकदमे लड़ने पड़ रहे हैं।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आप लाखों जवानों के मनोबल को क्यों गिरा रहे हैं। यह विधेयक देश के सशस्त्र बलों का मनोबल गिराने के लिए आया है। हमारी पार्टी और विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ जवानों के साथ खड़े हैं।’’
यादव ने सदन में अपनी यह मांग भी दोहराई कि सीएपीएफ के अधिकारियों और जवानों को सुरक्षा ड्यूटी पर जान गंवाने पर शहीद का दर्जा दिया जाए और सेना की तरह पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ भी दिया जाए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि विधेयक को जेपीसी में भेजा जाए और अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों से विस्तृत बातचीत के बाद इसे सदन में लाया जाए।
भाषा वैभव सुभाष
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