नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत के एक मामले में हैदराबाद से खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के एक उप निदेशक और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह गिरफ्तारी एक खनन दुर्घटना मामले में कंपनी के अनुकूल जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए कथित तौर पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के सिलसिले में की गई है। जांच एजेंसी ने सोमवार को हैदराबाद-तीन क्षेत्र में तैनात डीजीएमएस के उप निदेशक (खनन) यू शिव शंकर, वासावी ग्रेनाइट्स के प्रतिनिधि सिद्दा वेंकट सुरेश कुमार और लोटस एनवायरो माइनिंग सर्विसेज (एलईएमएस) के कथित बिचौलिए ए सुभास्कर रेड्डी को गिरफ्तार किया।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘सूचना मिली थी कि आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में पत्थरों की एक खदान में 25 जून 2026 को एक जानलेवा हादसा हुआ था। संबंधित खनन संस्थान के प्रतिनिधियों ने एक सलाहकार/बिचौलिए के माध्यम से आरोपी उप निदेशक से संपर्क किया, ताकि हादसे के संबंध में खदान मालिकों पर जांच की आंच आए बिना एक अनुकूल जांच रिपोर्ट प्राप्त की जा सके।’’
बयान के अनुसार, बिचौलिए ने कथित तौर पर अनुकूल रिपोर्ट के लिए आरोपी अधिकारी को अनुचित लाभ के रूप में पहले ही एक लाख रुपये का भुगतान कर दिया था।
सीबीआई ने बताया, ‘‘इसके बाद, उप निदेशक (खनन) को भुगतान करने के लिए दो लाख रुपये की राशि की व्यवस्था की गई थी, जिसे निजी खनन प्रतिष्ठान और अन्य खदानों से संबंधित अनुकूल रिपोर्ट प्राप्त करने और कथित तिमाही रिश्वत भुगतान के तौर पर 17 अगस्त 2026 को ओंगोल में सौंपा जाना था।’’
बयान के मुताबिक, सीबीआई ने उस जगह पर छापा मारा जहां रिश्वत का लेनदेन हो रहा था और खनन कंपनी के प्रतिनिधि की मौजूदगी में बिचौलिए से रिश्वत लेते समय अधिकारी को ‘रंगे हाथों’ गिरफ्तार कर लिया।
जांच टीम ने कार्रवाई के दौरान रिश्वत के दो लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
भाषा सुमित धीरज
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