नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दो ऐसे भगोड़ों को गिरफ़्तार किया है जिनके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी है और जो धनबाद में एसबीआई की एक शाखा से 1.25 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी के मामले में दो दशकों से अधिक समय से वांछित थे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2002 और जून 2005 के बीच 1.25 करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़े 31 अगस्त, 2005 को दर्ज एक मामले में बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह वांछित थे।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई के जांच अपने हाथ में लेने के बाद ये दोनों कानून से बचने के लिए नेपाल भाग गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया और उनके बारे में जानकारी देने पर 25,000 रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “इसके बाद अदालत ने आरोपियों को ‘भगोड़ा अपराधी’ करार दिया… सीबीआई की लगातार कोशिशों, तकनीकी जानकारी और तालमेल के साथ की गई कार्रवाई के आधार पर, दोनों भगोड़े अपराधियों को 21 जून, 2026 को दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ चलाए गए अभियान में पकड़ लिया गया। ये दोनों अपराधी लगभग दो दशकों से फरार थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए नकली पहचान के साथ रह रहे थे।”
उन्होंने बताया कि प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव से गिरफ्तार किया गया जबकि सिंह को छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ़्तार किया गया।
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प्रशांत नरेश
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