नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) कोलकाता के आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज में एक चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले की जांच की निगरानी करने वाले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के संयुक्त निदेशक वी. चंद्रशेखर केंद्रीय एजेंसी के उन 31 अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस पदक के लिए चुना गया है
सरकार द्वारा रविवार को जारी सूची के अनुसार, गुजरात काडर के 2000 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी चंद्रशेखर को गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशिष्ट सेवा के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया गया है।
अधिकारी ने अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक से हुए बलात्कार और उसकी हत्या मामले की जांच की निगरानी एजेंसी में संयुक्त निदेशक के रूप में की था। इस जांच के परिणामस्वरूप आरोपपत्र दाखिल किए जाने के कुछ महीनों के भीतर मामले में मुख्य आरोपी की दोषसिद्धि हुई।
पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश शर्मा, उप-निरीक्षक प्रमोद कुमार यति, सहायक उप-निरीक्षक चमन लाल और हेड कांस्टेबल रामू गोला को भी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया गया है।
एजेंसी के 25 अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किया गया है। इनमें एजेंसी में संयुक्त निदेशक के रूप में तैनात 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी सी. वी. सुब्बा रेड्डी और उनके बैचमेट सदानंद शकरराव दाते शामिल हैं।
उप विधि सलाहकार मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैद्यनाथ सामल और कैलाश साहू, उप पुलिस अधीक्षक रूबी चौधरी, मनीष कुमार उपाध्याय, अनमोल सचान, निशु कुशवाहा, अरिजीत सिन्हा, शरद सुरेश भावर, ताहिर अब्बास पी और धर्मेंद्र कुमार उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक (पीएमएमएस) से सम्मानित किया गया है।
निरीक्षक धर्मेंद्र, प्रोग्रामर दीप्ति वशिष्ठ, सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) विनोद कुमार, अधिकारी अधीक्षक नारिकोटे नंदिनी, हेड कांस्टेबल नेतराम चौरसिया, पूरन मल गुज्जर, भोला रॉय, बाबू वर्गीज और विक्रम सिंह तथा कांस्टेबल संजीव कुमार, वैखोम राजेश सिंह और रुपेंद्र कुमार को भी पीएमएमएस से सम्मानित किया गया है।
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