सीसीएस ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की

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सीसीएस ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की

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  • Publish Date - March 22, 2026 / 10:39 PM IST,
    Updated On - March 22, 2026 / 10:39 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति की रविवार को समीक्षा की और आम लोगों की खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा समेत महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की।

मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करने के लिए मंत्रियों और सचिवों का एक समूह गठित करने का निर्देश दिया।

बैठक में आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मध्यम और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सीसीएस की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया, ‘‘पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अल्प, मध्यम और दीर्घकालिक रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा और भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया तथा तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के उपायों पर चर्चा की गई।’’

देश की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, सीसीएस ने खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा समेत आम आदमी की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया।

बयान के अनुसार कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, ऊर्जा, एमएसएमई, निर्यातक, जहाजरानी, ​​व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों पर अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई।

इसके अनुसार देश के समग्र व्यापक आर्थिक परिदृश्य और भविष्य में उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

बयान में कहा गया है कि किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव और खरीफ मौसम के लिए उनकी उर्वरक की आवश्यकता का आकलन किया गया।

इसमें कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए किये गये उपाय समय पर उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

बयान के अनुसार भविष्य में उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

इसके अनुसार रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों द्वारा आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर सीसीएस के सदस्य हैं और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।

भाषा

देवेंद्र रंजन

रंजन